अंबाला में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरी, 2 की मौत; कई मजदूर मलबे में फंसे, रेस्क्यू जारी

अंबाला। हरियाणा के अंबाला शहर के धूलकोट गांव में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत के ढहते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई मजदूरों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हादसे के बाद पुलिस, प्रशासन, दमकल और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। मलबा हटाने के लिए जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रेस्क्यू पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के समय इमारत में कुल कितने मजदूर मौजूद थे और कितने लोग मलबे में फंसे हैं।
जेसीबी की मदद से एक मजदूर सुरक्षित निकाला गया
बचाव अभियान के दौरान जेसीबी की मदद से एक मजदूर को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा अन्य लोगों को भी मलबे से निकालने की कोशिश लगातार जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है। मौके पर राहत-बचाव दल मलबे की परतों को सावधानी से हटाकर अंदर दबे मजदूरों की तलाश कर रहे हैं।
पांच लोगों का अस्पताल में इलाज, कुछ को मिली छुट्टी
अंबाला सिटी के एसडीएम दर्शन कुमार के मुताबिक हादसे के बाद कई लोगों को अस्पताल ले जाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुछ घायलों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे से अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं। वहीं रेस्क्यू अभियान के आगे बढ़ने के साथ मलबे में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या स्पष्ट होने की उम्मीद है। हालांकि अलग-अलग अपडेट में मलबे में फंसे लोगों और मृतकों की संख्या को लेकर अंतर सामने आया है। प्रशासन ने भी कहा है कि रेस्क्यू अभियान पूरा होने तक सटीक संख्या बताना मुश्किल है।
NDRF, SDRF और दमकल की टीमें मौके पर
घटना की गंभीरता को देखते हुए NDRF, SDRF, पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय एंबुलेंस सेवा की टीमें मौके पर तैनात हैं। बचावकर्मी लगातार मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। मौके पर भारी मशीनों की मदद से मलबे को हटाया जा रहा है। लोहे की सरियों और कंक्रीट के मलबे के बीच फंसे मजदूरों तक पहुंचने के लिए बचाव दल सावधानी से काम कर रहा है।
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लेंटर डालने के दौरान ढहने की शुरुआती जानकारी
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक निर्माणाधीन इमारत में ऊपर लेंटर डालने का काम चल रहा था। इसी दौरान इमारत का ऊपरी हिस्सा अचानक ढह गया। पुलिस के अनुसार निर्माण और लेंटर की संरचना की स्थिति हादसे की एक संभावित वजह हो सकती है, लेकिन वास्तविक कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। हादसे की वजह को लेकर फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। प्रशासन निर्माण स्थल की स्थिति, शटरिंग और निर्माण सामग्री से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रहा है।
ठेकेदार और भवन मालिक की जानकारी जुटाई जा रही
हादसे के बाद प्रशासन की ओर से निर्माणाधीन भवन से जुड़े लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। शुरुआती जानकारी में भवन मालिक और ठेकेदार के मौके पर मौजूद नहीं होने की बात सामने आई है। एसडीएम दर्शन कुमार ने कहा कि जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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राहत-बचाव अभियान पूरा होने के बाद साफ होगी तस्वीर
धूलकोट गांव में हुए इस हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य अभी जारी है। मलबे में दबे लोगों की तलाश के साथ घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे में कुल कितने लोग प्रभावित हुए, कितने मजदूर फंसे थे और हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। फिलहाल बचाव दल की पूरी कोशिश मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है।




















