बालाघाट के खुरसोडी में महिलाओं ने संभाला नशामुक्ति का मोर्चा, शराब बेचने पर 50 हजार के अर्थदंड का फैसला

बालाघाट। शराब की बिक्री और नशे से परेशान बालाघाट के ग्राम खुरसोडी में अब महिलाओं ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। जिला मुख्यालय से करीब 9 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में करीब 100 महिलाओं ने समिति बनाकर शराब की बिक्री रोकने और गांव को नशामुक्त रखने का अभियान शुरू किया है। महिलाओं की सक्रियता और पुलिस के सहयोग से ग्रामीणों का दावा है कि पिछले आठ दिनों से गांव में शराब की बिक्री बंद है। नशामुक्ति अभियान को आगे जारी रखने के लिए शनिवार रात हुई ग्रामीणों की सभा में सामूहिक रूप से तय किया गया कि गांव में यदि कोई व्यक्ति शराब बेचते हुए पाया जाता है तो उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। साथ ही शराब बिक्री की जानकारी देने वाले व्यक्ति को उचित इनाम देने का भी निर्णय लिया गया है।
शराब से बिगड़ रहा था परिवारों का बजट
समिति की सदस्य रोशनी राजू लिल्हारे समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि गांव में शराब आसानी से उपलब्ध होने के कारण कई परिवार लंबे समय से परेशान थे। मजदूरी और दूसरे काम से होने वाली आय का एक हिस्सा शराब पर खर्च हो जाता था। इसका असर परिवार के रोजमर्रा के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दूसरी जरूरतों पर पड़ रहा था। महिलाओं के मुताबिक शराब के सेवन के बाद होने वाले विवाद भी गांव में परेशानी का कारण बन रहे थे। इसके बाद महिलाओं ने तय किया कि केवल शिकायत करने के बजाय वे खुद संगठित होकर इस समस्या के खिलाफ अभियान चलाएंगी।
करीब 100 महिलाओं ने बनाई समिति
नशे के खिलाफ अभियान को संगठित रूप देने के लिए गांव की करीब 100 महिलाओं की समिति बनाई गई। महिलाओं ने शराब बेचने वालों से कारोबार बंद करने की अपील करने के साथ सामाजिक स्तर पर दबाव बनाना शुरू किया। इस अभियान में गांव के बुजुर्गों और युवाओं ने भी भागीदारी की। महिलाओं का कहना है कि पुलिस की ओर से मिल रहे सहयोग से अभियान को मजबूती मिली है और गांव में शराब की बिक्री रोकने में मदद मिली है।
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सभा में लिया गया सामूहिक फैसला
नशा मुक्ति नारी संगठन की पहल पर शनिवार रात गांव में शराब बिक्री और नशे के खिलाफ ग्रामीणों की सभा आयोजित की गई। इसमें जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मुकेश माहुले, सरपंच राजवंती बलराम लिल्हारे, सरपंच प्रतिनिधि बलराम लिल्हारे, गांव के वरिष्ठ नागरिक और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। सभा में शराब और नशे के कारण परिवारों पर पड़ रहे असर पर चर्चा की गई। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि शराब बेचने वाले व्यक्ति पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके साथ ही गांव में शराब बिक्री की जानकारी देने वाले व्यक्ति को उचित इनाम देने का फैसला भी लिया गया। महिलाओं ने कहा कि अभियान कुछ दिनों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसे आगे भी लगातार जारी रखा जाएगा।
महिलाओं की पहल को पंचायत का सहयोग
गांव की सरपंच राजवंती बलराम लिल्हारे ने कहा कि महिलाओं ने जिस तरह नशे के खिलाफ पहल शुरू की है, उसमें पंचायत और ग्रामीणों का सहयोग रहेगा। उन्होंने नशामुक्ति के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने की बात कही। सरपंच प्रतिनिधि बलराम लिल्हारे ने कहा कि शराब के कारण परिवारों पर पड़ रहे असर को देखते हुए ग्रामीणों ने सख्त सामूहिक निर्णय लिया है। उन्होंने महिलाओं के अभियान में सहयोग की बात कही। जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मुकेश माहुले ने कहा कि ग्रामीणों ने मिलकर गांव को नशामुक्त बनाने का फैसला किया है और शराब की बिक्री रोकने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करना होगा।
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पुलिस के सहयोग से बढ़ा महिलाओं का हौसला
महिलाओं के मुताबिक नशामुक्ति अभियान में पुलिस की ओर से भी सहयोग मिल रहा है। इससे समिति की महिलाओं का हौसला बढ़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे गांव में शराब की बिक्री दोबारा शुरू नहीं होने देने के लिए लगातार निगरानी और सामूहिक प्रयास करेंगे। गांव में पिछले आठ दिनों से शराब की बिक्री बंद होने का दावा किया जा रहा है। अब 50 हजार रुपये के सामूहिक अर्थदंड और सूचना देने वाले को इनाम देने के फैसले के जरिए ग्रामीणों ने अभियान को और मजबूत करने की कोशिश की है।




















