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एमपी से यूपी का सफर अब आधे समय में! 600 किमी का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बदल देगा सफर का पूरा नक्शा

भारत माला परियोजना के तहत बनेगा 4 से 6 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे; कानपुर, महोबा, सागर और भोपाल को जोड़ेगा नया कॉरिडोर, 100-120 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन
एमपी से यूपी का सफर अब आधे समय में! 600 किमी का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बदल देगा सफर का पूरा नक्शा
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भोपाल / इंदौर। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने की तैयारी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) भारतमाला परियोजना के तहत करीब 600 किलोमीटर लंबे भोपाल-लखनऊ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण करने जा रहा है। प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होने की बात सामने आई है। एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद भोपाल से लखनऊ का सफर मौजूदा करीब 14 घंटे से घटकर लगभग 7 घंटे रह सकता है।

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100 से 120 किमी/घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे 4 से 6 लेन का कंट्रोल्ड-एक्सेस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा। इस पर वाहनों की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की योजना है। वर्तमान में भोपाल से लखनऊ जाने के लिए झांसी होकर पुराने मार्ग का इस्तेमाल किया जाता है। नया कॉरिडोर बनने के बाद दोनों राज्यों की राजधानियों के बीच तेज और सीधा संपर्क विकसित होगा।यह एक्सप्रेसवे कानपुर आउटर रिंग रोड के माध्यम से निर्माणाधीन कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इससे लखनऊ की ओर जाने वाले यातायात को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

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तीन चरणों में तैयार होगा मेगा कॉरिडोर

पहला चरण: कानपुर से कबरई

करीब 112 से 118 किलोमीटर लंबे इस हिस्से की शुरुआत कानपुर रिंग रोड के रमाईपुर क्षेत्र से होगी और यह महोबा जिले के कबरई तक पहुंचेगा। इस सेक्शन पर करीब 5,757 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

दूसरा चरण: कबरई से सागर

उत्तरप्रदेश के कबरई से मध्यप्रदेश के सागर तक करीब 223 किलोमीटर लंबा मार्ग बनाया जाएगा। यह कॉरिडोर बुंदेलखंड के महत्वपूर्ण हिस्सों से होकर गुजरेगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

तीसरा चरण: सागर से भोपाल

करीब 150 किलोमीटर का यह हिस्सा सागर को सीधे भोपाल से जोड़ेगा। इसके पूरा होने पर भोपाल से यूपी की ओर जाने वाले यातायात के लिए एक नया तेज कॉरिडोर उपलब्ध होगा।

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जमीन अधिग्रहण और निर्माण की तैयारी तेज

प्रोजेक्ट के कानपुर-कबरई सेक्शन में करीब 90 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा होने की जानकारी दी गई है। वहीं सागर, विदिशा और महोबा में फोरलेन चौड़ीकरण और बायपास निर्माण के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कर जमीन संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।एक्सप्रेसवे पर स्थानीय यातायात और ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए विभिन्न स्थानों पर अंडरपास और एलिवेटेड सेक्शन बनाए जाने की योजना है। इससे मुख्य एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार भी बाधित नहीं होगी।

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भोपाल-लखनऊ कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव

600 किलोमीटर का यह कॉरिडोर तैयार होने के बाद भोपाल, सागर, छतरपुर, महोबा और कानपुर होते हुए लखनऊ तक संपर्क का नया विकल्प तैयार होगा। परियोजना का सबसे बड़ा असर यात्रा समय, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और बुंदेलखंड के आवागमन पर पड़ने की उम्मीद है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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