पटवारी बंधुओ की उल्टी गिनती शुरू:नाना-भरत पर कसता शिकंजा, पुलिस के हाथ लगे पुख्ता साक्ष्य,कभी भी हो सकती है बड़ी कार्रवाई

इंदौर। राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में सामने आए ड्रग्स प्रकरण की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को तीन अलग-अलग मामलों तथा उनके भाई भरत पटवारी को एक मामले में आरोपी बनाए जाने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। सूत्रों का दावा है कि जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल डेटा, वित्तीय लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों के बयानों सहित कई महत्वपूर्ण प्रमाण मिले हैं। इन्हीं के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों ने दोनों भाइयों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी भी समय कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, पुलिस की ओर से अब तक आधिकारिक रूप से आरोप तय किए जाने की पुष्टि नहीं की गई है।
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जानकारी के मुताबिक राजेंद्र नगर पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की थी। पूछताछ के दौरान नाना पटवारी का नाम सामने आने के बाद डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने उनसे दो से तीन बार विस्तृत पूछताछ की। इसी क्रम में भरत पटवारी से भी पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया गया, लेकिन जांच लगातार जारी रखी गई।
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इस दौरान पुलिस ने रवि चौधरी, इरफान खान उर्फ गोलू, मानव नगवानी, संजय कौशल उर्फ रोनी सहित कई अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। वहीं एक युवती द्वारा दर्ज कराई गई कथित धोखाधड़ी की शिकायत के सिलसिले में सुमित मंत्री से भी पूछताछ की गई।
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में नाना पटवारी की कथित भूमिका ड्रग्स, ऑनलाइन सट्टा एप और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में सामने आई है। वहीं भरत पटवारी का नाम फिलहाल कथित धोखाधड़ी के एक मामले में सामने आया है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है और कानूनी राय लेने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।
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जांच एजेंसियां मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि कुछ और महत्वपूर्ण दस्तावेज और तकनीकी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद मामले में बड़ा खुलासा और आगे की कार्रवाई की जा सकती है।












