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11-12वीं में बढ़ाए कॉम्पिटेंसी बेस्ड सवाल, लॉन्ग आंसर सवालों की घटाई गई संख्या

न्यू एग्जाम पैटर्न सीबीएसई : साल 2025 की परीक्षा में लागू होंगे बदलाव
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11-12वीं में बढ़ाए कॉम्पिटेंसी बेस्ड सवाल, लॉन्ग आंसर सवालों की घटाई गई संख्या

प्रीति जैन- रटने प्रवृत्ति को खत्म करने और रियल लाइफ सिचुएशन से सवाल पूछने का नया तरीका सेंट्रल बोर्ड आफ सेकंडरी एजुकेशन(सीबीएसई) प्लान कर चुका है। इस बारें स्कूल्स को सर्कुलर जारी कर दिया गया है। साल 2024-25 की 11 व 12 वीं की परीक्षा में प्रश्नों के पैटर्न में बदलाव किया गया है जिसका मकसद रटने की आदत को खत्म करते हुए कॉम्पिटेंसी फोकस्ड सवालों से स्टूडेंट्स की स्किल्स को परखना है। 11वीं और 12वीं की परीक्षाओं में कॉम्पिटेंसी फोकस्ड सवालों की संख्या बढ़ा दी गई है। अब कॉम्पिटेंसी बेस्ड सवाल जैसे मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन (एमसीक्यू), केस स्टडी और रियल लाइफ पर बेस्ड सवाल बढ़ाए जाएंगे। अभी तक यह सवाल पेपर में 40 फीसदी होते थे, लेकिन अब इनकी संख्या 50 फीसदी होगी। वहीं लंबे सवालों की संख्या 40 से घटाकर 30 फीसदी की गई है।

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी

काउंसलर डॉ. शिखा रस्तोगी कहती हैं, दरअसलस, स्टूडेंट्स को प्रतियोगिता परीक्षा के लिए तैयार करना है, क्योंकि उसमें एप्लीकेशन बेस्ड सवाल ज्यादा पूछे जाते हैं। ऐसे में उनको स्कूल स्तर पर तैयार करने के लिए यह बदलाव किया जा रहा है। फिलहाल 9वीं और 10वीं की परीक्षाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन, 2025 में 11वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले स्टूडेंट्स को यह बदलाव पेपर में देखने को मिलेंगे।

2024 की परीक्षा का पैटर्न

  • 40 फीसदी एमसीक्यू, केस बेस्ड सवाल, सोर्स बेस्ड इंटीग्रेटेड सवाल (कॉम्पिटेंसी फोकस्ड सवाल)
  • 20 फीसदी मल्टीपल चॉइस सवाल (सिलेक्टेड रिस्पॉन्स टाइप)
  • 40 फीसदी शॉर्ट और लॉन्ग आंसर वाले सवाल (कंस्ट्रक्टेड रिस्पॉन्स वाले सवाल)

2025 की परीक्षा का पैटर्न

  • 50 फीसदी केस बेस्ड सवाल, सोर्स बेस्ड इंटीग्रेटेड सवाल (कॉम्पिटेंसी फोकस्ड सवाल)
  • 20 फीसदी मल्टीपल चॉइस सवाल (सिलेक्टेड रिस्पॉन्स टाइप)
  • 30 फीसदी शॉर्ट और लॉन्ग आंसर वाले (कंस्ट्रक्टेड रिस्पॉन्स वाले सवाल)

परीक्षा में अब लंबे-लंबे उत्तर नहीं लिखना होगा। अब ऐसे सवालों को कम कर दिया जाएगा। स्टूडेंट की एनालिटिकल स्किल को परखा जाएगा। कॉन्सेप्ट बेस्ड प्रश्नों से स्टूडेंट में विषयों की प्रैक्टिकल नॉलेज बढ़ेगी होगी। इसके लिए सीबीएसई टीचर्स को ट्रेनिंग दे रहा है। फील्ड ट्रिप, वर्कशॉप, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के जरिए भी पढ़ाया जाएगा। -शैलेष झोपे, प्रिंसिपल, आनंद विहार स्कूल

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