उज्जैन। सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी क्रम में शनिवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक महाकाल की भस्म आरती में शामिल होकर प्रदेशवासियों की समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री अपनी विदेश यात्रा पर रवाना होने से पहले परंपरा अनुसार बाबा महाकाल के दरबार पहुंचे और दंडवत प्रणाम कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से ही मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। मेरी प्रार्थना है कि हमारा प्रदेश आत्मनिर्भरता, रोजगार, शिक्षा और आध्यात्म की राह पर सतत आगे बढ़ता रहे।
महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गर्भगृह में विशेष पूजन-अर्चन किया। इस दौरान उनकी धर्मपत्नी, मंदिर समिति के पदाधिकारी, पुजारीगण और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल की नगरी उज्जैन केवल धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि आध्यात्मिक एकता का केंद्र है और इस पावन भूमि से पूरे प्रदेश को सामाजिक और सांस्कृतिक प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज दोपहर 1:30 बजे कालिदास अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय निषादराज सम्मेलन में भाग लेंगे। यहां वे मत्स्य पालन और रोजगार के क्षेत्र में कुल 154.45 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का वर्चुअल भूमिपूजन करेंगे।
मुख्यमंत्री इस अवसर पर मछुआ समुदाय के लिए 430 मोटर साइकिल विद आइस बॉक्स, 100 यूनिट्स, 396 केज, और फीडमील योजनाओं के स्वीकृति पत्र भी वितरित करेंगे। साथ ही 9.63 करोड़ रुपए के डेफर्ड वेजेस का सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे और उत्कृष्ट कार्य करने वाले मछुआरों एवं मत्स्य सहकारी समितियों को सम्मानित करेंगे।
सम्मेलन के बाद मुख्यमंत्री नलवा पहुंचेंगे, जहां वे दोपहर 2:30 बजे प्रदेशभर की लाडली बहनों के खातों में सीधे राशि ट्रांसफर करेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सावन माह भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम अवसर है। इस महीने में जो संकल्प लिए जाते हैं, वे जनकल्याण में परिणत होते हैं। महाकाल की नगरी से मुख्यमंत्री ने यह संदेश दिया कि प्रदेश विकास के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती से आगे बढ़ा रहा है।