Aakash Waghmare
2 Feb 2026
Garima Vishwakarma
19 Jan 2026
YouTube ने एक बड़ा बदलाव करते हुए अपने AI-पावर्ड ऑटो-डबिंग फीचर को सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध करा दिया है। इस फीचर की मदद से अब किसी भी वीडियो की आवाज अपने-आप दूसरी भाषा में बदली जा सकेगी। इसका मतलब है कि अगर कोई वीडियो किसी और भाषा में है, तो दर्शक उसे अपनी पसंद की भाषा में सुन सकेंगे। इससे अलग-अलग देशों और भाषाओं के लोग एक-दूसरे का कंटेंट आसानी से समझ पाएंगे।
इस फीचर को सबसे पहले 2023 में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पेश किया गया था। इसके बाद 2024 में इसे जानकारी और शिक्षा से जुड़े कुछ वीडियो पर लागू किया गया। अब कंपनी ने इसे सभी नॉन-म्यूजिक वीडियो और लगभग सभी चैनलों के लिए रोलआउट कर दिया है। इससे ज्यादा क्रिएटर्स और दर्शकों को इसका फायदा मिलेगा।
नए अपडेट के बाद YouTube का ऑटो-डबिंग फीचर अब 27 भाषाओं को सपोर्ट करता है। इसका फायदा यह है कि अगर कोई वीडियो जापानी, स्पेनिश या किसी और भाषा में अपलोड हुआ है, तो दर्शक उसे हिंदी, अंग्रेजी या अपनी पसंद की किसी और भाषा में सुन सकते हैं। इससे ग्लोबल दर्शकों के लिए वीडियो देखना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।
YouTube के मुताबिक, दिसंबर 2025 में हर दिन औसतन 60 लाख से ज्यादा लोग ऑटो-डब्ड वीडियो देख रहे थे। लोग रोज कम से कम 10 मिनट तक ऐसे वीडियो देखते थे। इससे पता चलता है कि यह फीचर तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कंपनी अब इस डबिंग को और बेहतर बनाने पर काम कर रही है, ताकि आवाज ज्यादा नेचुरल लगे और रोबोट जैसी महसूस न हो।
डबिंग को ज्यादा वास्तविक बनाने के लिए YouTube ने Expressive Speech नाम का नया फीचर भी शुरू किया है। यह फीचर फिलहाल आठ भाषाओं में उपलब्ध है, जिनमें अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, हिंदी, इंडोनेशियाई, इटालियन, पुर्तगाली और स्पेनिश शामिल हैं। इसका मकसद क्रिएटर की आवाज की भावना और ऊर्जा को बनाए रखना है, ताकि डबिंग सुनने में ज्यादा नैचुरल लगे।
पहले डबिंग यूजर के अकाउंट की डिफॉल्ट भाषा के हिसाब से दिखाई जाती थी, लेकिन यह तरीका हर किसी के लिए सही नहीं था। अब YouTube ने Preferred Language का नया विकल्प दिया है। इसमें यूजर अपनी पसंद की भाषा चुन सकते हैं। अगर कोई डबिंग नहीं सुनना चाहता, तो वह इस फीचर को बंद भी कर सकता है।
YouTube एक नए लिप-सिंक फीचर की भी टेस्टिंग कर रहा है। इसमें अनुवाद की गई आवाज को वीडियो में बोलने वाले व्यक्ति के होंठों की मूवमेंट से मिलाया जाएगा। इससे वीडियो ज्यादा वास्तविक लगेगा। ऐसा फीचर पहले से कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर देखा जा चुका है।
YouTube ने साफ किया है कि यह फीचर हर वीडियो पर लागू नहीं होगा। सिस्टम अपने-आप ऐसे वीडियो पहचान लेता है, जहां डबिंग की जरूरत नहीं होती। जैसे म्यूजिक वीडियो या ऐसे व्लॉग, जिनमें ज्यादा बातचीत नहीं होती। इससे फीचर का इस्तेमाल सिर्फ उन वीडियो पर होगा, जहां भाषा बदलने से सच में फायदा मिल सकता है।
इस नए फीचर के आने से YouTube पर अलग-अलग भाषाओं का कंटेंट देखना आसान हो जाएगा। इससे क्रिएटर्स को भी दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचने का मौका मिलेगा और दर्शकों को अपनी भाषा में ज्यादा कंटेंट देखने का विकल्प मिलेगा।