Manisha Dhanwani
6 Feb 2026
Shivani Gupta
5 Feb 2026
मनोज बाजपेयी की आने वाली थ्रिलर फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ रिलीज से पहले ही विवादों में आ गई है. फिल्म के टाइटल और टीज़र को लेकर कई जगह विरोध हुआ है। इसी मामले में लखनऊ में फिल्म की टीम के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के मेकर्स और कलाकारों ने अपनी सफाई भी दी है।
यह फिल्म नेटफ्लिक्स के एक इवेंट में घोषित की गई थी, जहां इसका टीजर भी दिखाया गया। फिल्म में मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी अजय दीक्षित का किरदार निभा रहे हैं, जिसे लोग ‘पंडित’ कहकर बुलाते हैं। हालांकि अब टीजर हटाया जा चुका है।

टीजर रिलीज होते ही फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई गई। एक वकील ने नोटिस भेजकर कहा कि ‘घूसखोर’ जैसे शब्द को ‘पंडित’ के साथ जोड़ना अपमानजनक है। उनका कहना है कि इससे एक समुदाय की छवि खराब होती है और यह सामाजिक रूप से भड़काऊ भी हो सकता है। नोटिस में मांग की गई कि फिल्म का टाइटल तुरंत बदला जाए और किसी समुदाय से जुड़े शब्दों की जगह कोई सामान्य या काल्पनिक नाम रखा जाए।
इस विवाद के बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में फिल्म के डायरेक्टर और टीम के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायत में कहा गया है कि फिल्म के कंटेंट से कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा है। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस विषय में शिकायतें मिली थीं, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
विवाद बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने नेटफ्लिक्स को फिल्म के प्रमोशनल कंटेंट और टीजर हटाने के निर्देश दिए. इसके बाद प्लेटफॉर्म से टीजर को हटा दिया गया। फिल्म की टीम ने भी फिलहाल प्रमोशन रोकने का फैसला किया है।
फिल्म के लेखक और प्रोड्यूसर नीरज पांडे ने बयान जारी कर कहा कि यह एक पूरी तरह काल्पनिक कहानी है। उन्होंने बताया कि ‘पंडित’ शब्द सिर्फ एक किरदार का निकनेम है और इसका किसी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है।
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उन्होंने कहा कि फिल्म एक व्यक्ति की कहानी है, उसके फैसलों और गलतियों पर आधारित है। उनका मकसद किसी भी समुदाय का अपमान करना नहीं है। विवाद को देखते हुए टीम ने सभी प्रमोशनल सामग्री हटाने का फैसला किया है, ताकि फिल्म को पूरी कहानी के साथ समझा जा सके।
मनोज बाजपेयी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी को उनके काम से दुख पहुंचा है, तो उसे गंभीरता से लेना चाहिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म में उनका किरदार एक ऐसे इंसान का है जो गलत रास्ते पर चलता है और बाद में अपनी गलती समझता है। यह कहानी किसी समुदाय के बारे में नहीं है।

फिल्म को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने कहा कि फिल्म के टाइटल से ‘पंडित’ शब्द को भ्रष्टाचार से जोड़ा जा रहा है, जो एक समुदाय की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है।
‘घूसखोर पंडित’ एक कॉप ड्रामा है, जिसमें कहानी एक ही रात की घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में मनोज बाजपेयी के साथ नुसरत भरूचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय और दिव्या दत्ता अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
फिलहाल फिल्म की रिलीज डेट की घोषणा नहीं की गई है। विवाद के कारण इसकी रिलीज और प्रमोशन को लेकर आगे क्या फैसला होगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।