MP शिखर खेल अलंकरण समारोह में 12 विक्रम और 11 खिलाड़ी एकलव्य पुरस्कार से सम्मानित, सीएम ने कहा- खिलाड़ी भावना से बनती है महानता की राह

भोपाल। राज्य सरकार द्वारा मंगलवार को राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में मध्यप्रदेश शिखर खेल अलंकरण एवं 38वें नेशनल गेम्स 2025 के पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला और विजेता खिलाड़ियों को राज्य की शान बताया। समारोह में विक्रम, एकलव्य, विश्वामित्र और लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किए गए।
भगवान राम को भी बताया खिलाड़ी भावना का प्रतीक
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाव्य रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान राम ने भी जंगल में जाकर खिलाड़ी भावना से जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा, "विश्वामित्र ने राजा दशरथ से भगवान राम को राक्षसों के वध हेतु मांगा था। यदि ऐसा न हुआ होता, तो शायद भगवान राम का जीवन वैसा नहीं बनता। बाद में उन्होंने पिनाक धनुष तोड़कर पराक्रम दिखाया। यह सब खिलाड़ी भावना का ही प्रमाण है।" मुख्यमंत्री ने खेल को जीवन जीने का उच्चतम मापदंड बताते हुए कहा कि खिलाड़ी लोकतंत्र को गौरवान्वित करते हैं।
खेल के क्षेत्र में एमपी बनेगा नंबर-1 राज्य : विश्वास सारंग
समारोह में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश अब खेल के मायनों में देश का नंबर-1 राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर स्तर पर खिलाड़ियों को संसाधन और मंच उपलब्ध करवा रही है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
82 पदक विजेता खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित
समारोह में 38वें नेशनल गेम्स 2025 में मध्यप्रदेश के लिए पदक जीतने वाले कुल 82 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इनमें से 34 स्वर्ण, 25 रजत, और 23 कांस्य पदक विजेता शामिल रहे। सभी को मंच पर सम्मानित कर उत्साहवर्धन किया गया।
12 खिलाड़ियों को मिला विक्रम पुरस्कार
राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विक्रम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस वर्ष जिन खिलाड़ियों को यह पुरस्कार मिला, उनमें शामिल हैं-
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ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर (शूटिंग)
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जान्हवी श्रीवास्तव (कायकिंग-कैनोइंग)
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रागिनी मार्को (तीरंदाजी)
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शिवानी पवार (कुश्ती)
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श्रुति यादव (बॉक्सिंग)
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यामिनी मौर्य (जूडो)
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सचिन भार्गव (खो-खो)
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नीलू डाडिया (हॉकी)
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प्रवीण कुमार दवे (सॉफ्टबॉल)
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रूबिना फ्रांसिस (दिव्यांग श्रेणी – शूटिंग)
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अपूर्व दुबे (पावरलिफ्टिंग)
11 प्रतिभावान खिलाड़ियों को मिला एकलव्य पुरस्कार
एकलव्य पुरस्कार के माध्यम से राज्य ने अपने उभरते खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया। इस वर्ष यह पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ी हैं-
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रितुराज बुंदेला (शूटिंग)
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भूमि बघेल (कायकिंग-कैनोइंग – स्लालम)
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कृष्णा मिश्रा (स्क्वैश)
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पूजा दांगी (फेंसिंग)
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प्रभाकर सिंह राजावत (रोइंग)
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नेहा ठाकुर (सेलिंग)
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प्रखर जोशी (स्विमिंग)
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अर्जुन वास्कले (एथलेटिक्स)
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प्रियांशी प्रजापत (कुश्ती)
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अंकित पाल (हॉकी)
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गौरव पचौरी (पावरलिफ्टिंग)
अनुभवी कोचों को मिला विश्वामित्र पुरस्कार
राज्य के खेल प्रशिक्षकों को विश्वामित्र पुरस्कार से नवाजा गया, जिन्होंने खिलाड़ियों को तराशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस वर्ष सम्मानित कोच हैं-
- पीजूष कांती बारोई (कायकिंग-कैनोइंग)
- अशोक कुमार यादव (तीरंदाजी)
- लोकेन्द्र शर्मा (हॉकी)
जिम्नास्टिक कोच को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार
रतनलाल वर्मा, जो वर्षों से जिम्नास्टिक खेल के प्रचार और खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने में जुटे हैं, उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया।












