Aakash Waghmare
6 Feb 2026
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित नर्मदा प्रवाह यात्रा यूनिटी मार्च में शामिल हुए। यात्रा का शुभारंभ सरदार पटेल प्रतिमा से किया गया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने आजादी से पहले तत्कालीन महापुरुषों के साथ बहुत अन्याय किया। एक खानदान को बचाने के लिए उन्होंने अन्य महापुरुषों के साथ जो किया, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। यह अन्याय नेहरू परिवार ने किया था। सारे महापुरुषों को भुलाने का काम योजनाबद्ध तरीके से कांग्रेस ने किया।

डॉ. यादव ने कहा कि सरदार पटेल उस समय प्रधानमंत्री के रूप में पूरे देश को स्वीकार होते लेकिन विनम्रता के साथ महात्मा गांधी के साथ चर्चा में अपने को पीछे रखकर के अपने से कम आयु के व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनाकर भविष्य में देश का नेतृत्व कैसे हो, देश का भविष्य कैसे हो यह सब किया अपना खुद का मान पीछे रखते हुए। डॉ. यादव ने कहा कि सरदार पटेल ने हमेशा खुद को पीछे रखते हुए अन्य को आगे बढ़ाया। कांग्रेस ने उनकी कद्र नहीं की। अगर उन्होंने खुद को आगे किया होता तो वे उस दौरान प्रधानमंत्री होते। सच्चे अर्थों में आकलन करें तो कई नेता बौने हो जाएंगे।

डॉ. यादव ने कहा कि सरदार पटेल ने 600 रियासतों का विलीनीकरण कराया लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. नेहरू ने कश्मीर में धारा 370 लगाई। इस गलती से देश को भुगतना पड़ा। 40 हजार निरापराध लोग मारे गए, धारा 370 के कारण। भारत के साथ कश्मीर आता तो हम अफगानिस्तान के रास्ते ईरान और यूरोप तक जा सकते थे। सरदार पटेल के कारण प्रशासनिक तंत्र बना, इससे लोकतंत्र को मजबूत करने का काम हुआ। देश की अखंडता, एकता के लिए काम सरदार पटेल ने किया है।

डॉ. यादव ने कहा कि सरदार पटेल के विराट व्यक्तित्व को याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की विराट प्रतिमा बनवाई। उसके लिए देशभर से धातु इकट्ठा की गई। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के सामने दुनिया के सामने भारत जिस रूप में दिखाई दे रहा है सच्चे अर्थों में यह हम सबके लिए यह स्वर्णिम अवसर है। हमारे लिए गर्व करने का मौका है। उसके लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं। कदम-कदम पर कोई भी देश के साथ कोई भी मामला आता है तो देश प्रथम इसका उदाहरण अरुणाचल के माध्यम से हमने कल भी देखा और पाकिस्तान को घर में घुसकर मारते हुए भारत की सेना को भी देखा। उल्लेखनीय है कि नागपुर से शुरू हुई यात्रा धार, झाबुआ होते हुए गुजरात के गोधरा की ओर रवाना होगी।