मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: 35 किलोमीटर का होगा पश्चिमी बाइपास, RGPV को तीन अलग विश्वविद्यालयों में बांटा जाएगा

भोपाल। RGPV को भोपाल, जबलपुर और उज्जैन मुख्यालय वाले तीन विश्वविद्यालयों में बांटने की मंजूरी दी गई है। सरकार ने इन विश्वविद्यालयों में कौशल विकास को भी शैक्षणिक व्यवस्था से जोड़ने का फैसला किया है।
भोपाल पश्चिमी बाइपास की लंबाई अब 35 किमी होगी
कैबिनेट बैठक में भोपाल पश्चिमी बाइपास की पुनरीक्षित योजना को मंजूरी दी गई है। पहले बाइपास की लंबाई करीब 41 किलोमीटर प्रस्तावित थी, जिसे अब घटाकर 35 किलोमीटर किया जाएगा। इस बाइपास के बनने से जबलपुर की तरफ से इंदौर जाने वाले वाहनों को भोपाल शहर के अंदर से गुजरने की जरूरत कम होगी और उनका करीब 21 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा भी बचेगा।
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रातापानी में वन्यजीवों के लिए बनेगा अंडरपास
पश्चिमी बाइपास परियोजना का उद्देश्य राजधानी में बढ़ते यातायात दबाव को कम करना है। सरकार ने परियोजना में पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा है। रातापानी वन क्षेत्र में अंडरपास बनाने का प्रावधान किया गया है, जिससे बाइपास निर्माण के बावजूद वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित न हो और सड़क यातायात भी सुचारू रह सके।
के. साई मनोहर होंगे मुख्यमंत्री के सलाहकार
कैबिनेट ने सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी के. साई मनोहर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सलाहकार नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। उनका मुख्यालय नई दिल्ली में रहेगा। सरकार के मुताबिक, उनकी नियुक्ति प्रशासनिक समन्वय और अलग-अलग स्तरों पर बेहतर तालमेल बनाने के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
RGPV तीन अलग-अलग विश्वविद्यालयों में बंटेगा
तकनीकी शिक्षा के विस्तार और इसके विकेंद्रीकरण की दिशा में सरकार ने राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय यानी RGPV के पुनर्गठन को मंजूरी दी है। इसके तहत RGPV को तीन अलग-अलग विश्वविद्यालयों में बांटा जाएगा, जिनके मुख्यालय भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में होंगे। सरकार ने इन विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था में कौशल विकास को भी अनिवार्य रूप से जोड़ने की अनुमति दी है, ताकि विद्यार्थियों को रोजगार और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके।
जनविश्वास अभियान का अगला कार्यक्रम 11 सितंबर को
कैबिनेट बैठक में जनविश्वास अभियान के कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा हुई। 4 सितंबर को जन्माष्टमी होने के कारण अभियान के तहत अगला कार्यक्रम अब 11 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि तकनीकी शिक्षा में कौशल विकास को जोड़ने और प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय के साथ प्रदेश के विकास से जुड़े कामों को और गति दी जा सकेगी।




















