बेगमगंज में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, विद्यार्थियों को बताए अधिकार और कर्तव्य
बेगमगंज। युवाओं और विद्यार्थियों को उनके कानूनी अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों और संविधान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का आयोजन नालसा जागृति स्कीम 2025 के तहत चलाए जा रहे ‘सशक्त युवा, सशक्त भारत’ अभियान के अंतर्गत तहसील विधिक सेवा समिति बेगमगंज द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायसेन अनिल कुमार सुहाने के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
विद्यार्थियों को बताए मौलिक अधिकार
कार्यक्रम में प्रथम जिला न्यायाधीश एवं तहसील विधिक सेवा समिति बेगमगंज की अध्यक्ष श्रीमती सविता ओगले ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्रदान करता है, जिन्हें मौलिक अधिकार कहा जाता है। शिविर में विद्यार्थियों को समानता का अधिकार, स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धर्म की स्वतंत्रता और शिक्षा के अधिकार के संबंध में जानकारी दी गई।
इसके साथ ही बच्चों को किशोर न्याय, बाल अधिकार और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि वर्तमान डिजिटल दौर में अपने अधिकारों की जानकारी के साथ-साथ साइबर अपराधों से बचाव के प्रति सतर्क रहना भी जरूरी है।
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मौलिक कर्तव्यों के पालन के लिए किया प्रेरित
शिविर में व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खंड बेगमगंज श्रीमती अन्ना ग्लोरी माहेश्वरी ने विद्यार्थियों को संविधान में उल्लेखित मौलिक कर्तव्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और राष्ट्रध्वज का सम्मान करने, संविधान का पालन करने तथा देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही हिंसा से दूर रहने और सार्वजनिक संपत्ति को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाने के संबंध में भी जानकारी दी गई।
शिक्षा और उच्च अध्ययन के लिए किया प्रोत्साहित
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व से भी अवगत कराया गया। न्यायाधीशों ने बच्चों से पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने और उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
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कानूनी जागरूकता से सशक्त होंगे युवा
सशक्त युवा, सशक्त भारत अभियान का उद्देश्य युवाओं में कानूनी जागरूकता बढ़ाना और उन्हें अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग बनाना है। शिविर में विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि संविधान द्वारा मिले अधिकारों का सही उपयोग करते हुए उन्हें देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी ईमानदारी से पालन करना चाहिए।






















