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संभल जामा मस्जिद सर्वे विवाद पर SC में सुनवाई टली, अब 8 सितंबर को सुनवाई

संभल जामा मस्जिद सर्वे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाल दी है। अब मामले पर 8 सितंबर को सुनवाई होगी। मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें निचली अदालत के सर्वे आदेश को सही माना गया था। मामले में 1991 के पूजा स्थल कानून की व्याख्या अहम कानूनी मुद्दा बनी हुई है।
संभल जामा मस्जिद सर्वे विवाद पर SC में सुनवाई टली, अब 8 सितंबर को सुनवाई
संभल जामा मस्जिद सर्वे विवाद पर SC में सुनवाई टली

उत्तर प्रदेश के संभल की ऐतिहासिक जामा मस्जिद को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाल दी है। अब इस मामले पर 8 सितंबर को सुनवाई होगी। मस्जिद प्रबंध समिति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें निचली अदालत के मस्जिद परिसर के सर्वे के आदेश को सही माना गया था।

कैसे शुरू हुआ जामा मस्जिद विवाद?

संभल जामा मस्जिद को लेकर विवाद तब शुरू हुआ, जब हिंदू पक्ष ने दावा किया कि यह मस्जिद एक प्राचीन मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी। इसके बाद अदालत में याचिका दाखिल कर मस्जिद परिसर का सर्वे कराने की मांग की गई। निचली अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति की और परिसर का सर्वे कराने का आदेश दिया। इसके बाद सर्वे की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसका मस्जिद प्रबंध समिति ने विरोध किया।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने क्या कहा?

निचली अदालत के आदेश के खिलाफ मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट ने शुरुआत में निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाई थी। हालांकि, अंतिम सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने निचली अदालत के सर्वे आदेश को बरकरार रखा और कार्यवाही पर लगी रोक भी हटा दी। इसके बाद मस्जिद कमेटी ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

Supreme Court

1991 के पूजा स्थल कानून पर विवाद

मामले में पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 एक अहम कानूनी मुद्दा है। मस्जिद कमेटी का तर्क है कि यह कानून 15 अगस्त 1947 को मौजूद धार्मिक स्थलों के स्वरूप को बदलने या उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने पर रोक लगाता है। वहीं, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने माना था कि किसी धार्मिक स्थल के स्वरूप को निर्धारित करने के लिए शुरुआती स्तर पर साक्ष्य जुटाना इस कानून के तहत प्रतिबंधित नहीं है।

अब 8 सितंबर को होगी सुनवाई

मस्जिद कमेटी ने हाई कोर्ट के इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। कमेटी का कहना है कि सर्वे की अनुमति देने से 1991 के कानून के उद्देश्य पर असर पड़ सकता है और पुराने धार्मिक विवाद दोबारा सामने आ सकते हैं। अब 8 सितंबर की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर दोनों पक्षों की नजरें हैं। इस सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि जामा मस्जिद के सर्वे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी या सुप्रीम कोर्ट इस पर अंतरिम रोक लगाएगा।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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