Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

CG News : साय सरकार की पहली चुनौती, कर्ज और योजनाओं में कैसे बनेगा संतुलन....! गारंटी पूरा करने के लिए कहां से आएगा धन...!

Follow on Google News
CG News : साय सरकार की पहली चुनौती, कर्ज और योजनाओं में कैसे बनेगा संतुलन....! गारंटी पूरा करने के लिए कहां से आएगा धन...!
रायपुर| छत्तीसगढ़ सरकार 89 हजार करोड़ रुपए के कर्ज में है। हर साल प्रदेश का 6000 करोड़ रूपए कर्ज चुकाने और ब्याज के भुगतान में चला जाता है। कर्ज की कुल रकम में से 54 हजार 491 करोड़ रुपए का लोन पिछली कांग्रेस सरकार के शासनकाल में लिया गया। ऐसे में अब सत्ता में वापसी कर रही बीजेपी सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस लोन और प्रदेश के विकास की योजनाओं के बीच संतुलन बनाने की होगी।

सालाना बजट से केवल 32 हजार करोड़ कम है कर्ज

इस बार बीजेपी को अपने संकल्प पत्र में दी गई गारंटी को पूरा करने के लिए भी भारी-भरकम रकम की जरूरत होगी। ऐसे में सरकार के मुखिया विष्णु देव साय को प्रदेश का फाइनेंस मैनेजमेंट बेहतर करना होगा। प्रदेश के बजट की बात करें तो 1 लाख 21 हजार करोड़ का बजट 2023-24 के लिए पूर्ववर्ती भूपेश सरकार ने पारित किया था। इस लिहाज से देखा जाए तो प्रदेश पर कर्ज की राशि राज्य के टोटल बजट से केवल 32 हजार करोड़ कम है। प्रदेश की आमदनी कम होने के कारण आने वाले समय में सरकार विकास योजनाओं के लिए और भी कर्ज लेगी, ऐसे में वित्तीय स्थिति संभालकर रखना नई सरकार के लिए एक कठिन परीक्षा होगी। ऐसे मे अगर 3.15 करोड़ की आबादी के हिसाब से छत्तीसगढ़ के हर व्यक्ति पर आज की तारीख में 28 हजार से ज्यादा का कर्ज है।

इन संस्थाओं से लिया सरकार ने कर्ज

छत्तीसगढ़ साल 2000 में अस्तित्व में आया। तब से लेकर जनवरी 2023 तक सरकार ने कुल 1 लाख 5 हजार करोड़ का कर्ज आरबीआई, नाबार्ड, वर्ल्ड बैंक आदि एजेंसियों से लिया। इसमें से केवल 28,096 करोड़ ही चुकाया गया है। बीते चार साल की बात करें तो कुल 22 हजार 80 करोड़ रुपए कर्ज और ब्याज के रूप में चुकाए गए हैं। प्रदेश को 39,080 करोड़ रुपए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, 3,783.56 करोड़ रुपए नाबार्ड, 11,628.12 करोड़ रुपए एशियन डेवलपमेंट बैंक को देने हैं। इसके अलावा अन्य एजेंसियों को भी लगभग 35 हजार करोड़ लौटाने हैं। बात बजट की करें तो राज्य का बजट भी कोरोना काल में बिगड़ गया था, 2020-21 में प्रदेश का बजट एक लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया था लेकिन 2022-23 मे ये घटकर 88 हजार करोड़ रह गय़ा था। हालांकि 2023-24 में बजट 1 लाख 21 हजार करोड़ का है, लेकिन बीच में आई गिरावट ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति को कमजोर किया है।

इन चुनावी वादों के लिए रकम जुटाना बेहद अहम

छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने किसानों, महिलाओं और गरीबों से कई बड़े वादे किए हैं। सरकार को अब चुनावी वादे पूरा करने के लिए काफी पैसे की जरूरत होगी। जानिए जिन अहम योजनाओं के लिए लगेंगी भारी-भरकम रकम
  • किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी जाएगी, एक क्विंटल धान के लिए 31 सौ रुपए
  • एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती
  • महतारी वंदन योजना के तहत हर शादीशुदा महिला को साल के 12 हजार रुपए
  • पीएम आवास योजना के तहत 18 लाख घर निर्माण • तेंदूपत्ता खरीदी 5500 रुपए प्रति मानक बोरा, अतिरिक्त संग्रह करने वालों को 4500 रुपए बोनस
  • गरीबों को 10 लाख रुपए तक की हेल्थ स्कीम
  • LPG गैस सिलेंडर 500 रुपए में ।
  • कॉलेज जाने वाले बच्चों को बस की फ्री सुविधा
  • छत्तीसगढ़ के गरीबों को सरकारी खर्च पर अयोध्या राम मंदिर ले जाकर दर्शन कराना
ये भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल विस्तार : कौन होंगे CM साय के सहायक..! ये 13 हैं सबसे बड़े दावेदार…
Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

Latest Posts