Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Chandra Grahan 2023 : आखिरी चंद्र ग्रहण आज, शाम से लग जाएगा सूतक, जानें भारत में कब दिखाई देगा

Follow on Google News
Chandra Grahan 2023 : आखिरी चंद्र ग्रहण आज, शाम से लग जाएगा सूतक, जानें भारत में कब दिखाई देगा
Chandra Grahan 2023 : साल 2023 का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण आज रात लगेगा। ये चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। यह ग्रहण 28 और 29 अक्टूबर की मध्यरात्रि को लगने जा रहा है। इसकी शुरुआत रात 1 बजकर 5 मिनट पर होगी। इसके चलते इसका सूतक काल 9 घंटे पहले यानी आज शाम 04 बजकर 05 मिनट से शुरू हो जाएगा। यह एक खंडग्राह चंद्र ग्रहण होगा।

ये खंडग्राह चंद्र ग्रहण रहेगा

दरअसल जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा के कुछ भाग पर पड़ती है तो इसे खंडग्रास यानि आंशिक चंद्र ग्रहण कहते हैं। खंडग्रास चंद्रगहण शनिवार को रात साढे़ 11 बजे से शुरू हो जाएगा। भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण भारत में रात 2 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगा। चंद्र ग्रहण का 1 बजकर 5 मिनट पर स्पर्श, रात्रि 1 बजकर 44 मिनट पर मध्य काल और इसका मोक्ष रात्रि 2 बजकर 24 मिनट पर होगा।

9 घंटे पहले लगेगा सूतक काल

बता दें कि खंडग्रास चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले यानी 28 अक्टूबर की शाम 4 बजकर 5 मिनट से लग जाएगा। शास्त्र के अनुसार, सूतक काल में भोजन निवृत्ति के साथ ही इस दौरान पेड़-पौधों को भी स्पर्श नहीं किया जाता है। इसके अलावा ग्रहण के दौरान न तो पूजा करनी चाहिए और न ही मंदिर का पट खुला रखना चाहिए।

चंद्र ग्रहण का समय

  • ग्रहण का स्पर्श : रात 01 बजकर 05 मिनट से।
  • ग्रहण का मध्य : रात 01 बजकर 44 मिनट पर।
  • ग्रहण का मोक्ष : रात 02 बजकर 24 पर।
  • ग्रहण अवधि : 01 घंटा 19 मिनट।

खीर में डालें तुलसी का पत्ता

शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और अमृत की बरसात करता है। इसलिए इस मौके पर खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखकर फिर प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की प्रथा है। लेकिन इस बार 4 बजकर 5 मिनट पर सूतक लगने वाला है। इसे में खीर सूतक से पहले बनाकर उसमें तुलसी का पत्ता डाल दें, उसे चंद्रमा की रोशनी में ग्रहण लगने से पूर्व तक रखे अथवा ग्रहण के बाद चंद्रमा की रोशनी में खीर को रखा जा सकता है।

कहां-कहां दिखेगा ये चंद्र ग्रहण

इस साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में दिखेगा देगा। नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भूटान, मंगोलिया, चीन, ईरान, रूस, कजाकिस्तान, सऊदी अरब, सूडान, इराक, तुर्की, अल्जीरिया, जर्मनी, पोलैंड, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका, इटली, यूक्रेन, फ्रांस, नॉर्वे, ब्रिटेन, स्पेन, स्वीडन, मलेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान और इंडोनेशिया में भी नजर आएगा।

ऐसे होता है चंद्र ग्रहण..

जब पृथ्वी अपनी धुरी पर परिक्रमा करते हुए चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है तो चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती है। इससे चंद्रमा पूरी तरह ढक जाता है। चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है, ऐसे में वह पृथ्वी की छाया में ज्यादा देर नहीं रुकता है और कुछ समय के बाद बाहर आ जाता है। जितनी देर तक चंद्रमा, पृथ्वी की छाया में रहता है उस स्थिति को हम चंद्र ग्रहण के नाम से जानते हैं। आपको बता दें कि चंद्र ग्रहण हमेशा ‘पूर्णिमा’ को ही लगता है।

क्या करें और क्या न करें

  • चंद्र ग्रहण के शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। सूतक काल लगने पर पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान नहीं करना चाहिए।
  • चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए। ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को अंदर ही रहना चाहिए।
  • ग्रहण के दौरान खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालकर बंद कर देना चाहिए।
  • ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के लिए ध्यान और मंत्रों का जाप करें।
  • ग्रहण के दौरान कुछ भी खाना या पीना नहीं चाहिए।
  • ग्रहण के दौरान मंदिरों के पट को बंद करके रखना चाहिए।

चंद्र ग्रहण तीन तरह के होते हैं

  • पूर्ण चंद्र ग्रहण- पूर्ण चंद्र ग्रहण जैसे की इसके नाम से स्पष्ट होता है कि चंद्रमा का पूरी तरह से ग्रहण। पूर्ण चंद्र ग्रहण की घटना तब होती है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच में एक सीधी रेखा में आ जाती है। इस वजह से पृथ्वी की परछाई से चंद्रमा पूरी तरह से ढक जाता है। जिसकी वजह से चंद्रमा पूरी तरह से काला हो जाता है। इसी को पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं।
  • आंशिक चंद्र ग्रहण- आंशिक चंद्र ग्रहण की घटना तब होती है जब पृथ्वी की परछाईं चंद्रमा के पूरे भाग को नहीं ढक पाती है। इस दौरान चंद्रमा के हिस्से में अंधेरा जैसा प्रतीत होता है।
  • उपछाया चंद्र ग्रहण- उपछाया चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा के बाहरी हिस्से में ही पड़ती है। इससे चंद्रमा सिर्फ थोड़ा सा धुंधला सा हो जाता है। इसी को उपछाया चंद्र ग्रहण कहते हैं

2023 के ग्रहण की लिस्ट

  • साल का पहला सूर्य ग्रहण – 20 अप्रैल, 2023 को लगा।
  • साल का पहला चंद्र ग्रहण – 05 मई, 2023 को लगा।
  • साल का दूसरा सूर्य ग्रहण – 14 अक्टूबर, 2023 को लगा।
  • साल का दूसरा चंद्र ग्रहण – 29 अक्टूबर, 2023 को लगेगा।
(नोट: यहां दी गई सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। हम मान्यता और जानकारी की पुष्टि नहीं करते हैं।) ये भी पढ़ें- Sharad Purnima 2023 : शुभ योग में मनाई जाएगी शरद पूर्णिमा, चंद्र ग्रहण की वजह से बना संशय, जानें पूजन का शुभ मुहूर्त ये भी पढ़ें- Chandra Grahan 2023 : शरद पूर्णिमा पर लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानिए भारत में किस समय और कहां आएगा नजर धर्म से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें…
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

Latest Posts