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CBSE ने दी चेतावनी!बोर्ड कॉपी चेकिंग की बातें शेयर की तो कार्रवाई तय

CBSE ने बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों की जांच करने वाले शिक्षकों के लिए कड़ी चेतावनी जारी की है। बोर्ड ने साफ किया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय है और इसे सोशल मीडिया या किसी अन्य सार्वजनिक मंच पर साझा करना सख्त मना है।
बोर्ड कॉपी चेकिंग की बातें शेयर की तो कार्रवाई तय
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों की जांच (Evaluation) से जुड़े नियमों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि कॉपी चेक करने के कार्य में शामिल सभी शिक्षक अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं और किसी भी तरह की जानकारी सार्वजनिक मंचों पर साझा न करें। यदि कोई शिक्षक इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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    मूल्यांकन प्रक्रिया में गोपनीयता अनिवार्य

    CBSE ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों की जांच पूरी तरह गोपनीय होती है। किसी भी प्रकार की जानकारी या अनुभव साझा करने से परीक्षा प्रणाली पर असर पड़ सकता है। इसलिए बोर्ड ने सभी कॉपी जांचने वाले शिक्षकों (Evaluators) को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने काम से संबंधित किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया या अन्य सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर न साझा करें।

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    बोर्ड के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह गोपनीयता जरूरी है। अगर कोई शिक्षक इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसे कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

    शिक्षकों की पोस्ट के बाद बोर्ड सतर्क

    CBSE अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में कुछ मूल्यांकनकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी जांच प्रक्रिया के अनुभव और टिप्पणियां साझा की हैं। बोर्ड के मुताबिक, इस तरह की पोस्ट से छात्रों और अभिभावकों में भ्रम पैदा हो सकता है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है।
    इसलिए बोर्ड ने सतर्क रहते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की है। सभी शिक्षकों को यह याद दिलाया गया है कि उनकी जिम्मेदारी सिर्फ कॉपियों का मूल्यांकन करना है, न कि अनुभव या व्यक्तिगत राय सार्वजनिक करना।

    सर्कुलर में दिए गए मुख्य निर्देश

    CBSE के सर्कुलर में निम्नलिखित बातें स्पष्ट रूप से कही गई हैं-

    • परीक्षा और मूल्यांकन से जुड़ी किसी भी भ्रामक या अप्रमाणित जानकारी को सोशल मीडिया पर फैलाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
    • CBSE के नाम, लोगो या भवन की तस्वीरों का इस्तेमाल करके किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी नहीं फैलाई जा सकती।
    • मूल्यांकन कार्य में लगे सभी शिक्षक अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं और किसी भी जानकारी को सार्वजनिक न करें।
    • बोर्ड ने यह भी कहा है कि इन निर्देशों का उल्लंघन गंभीर अपराध माना जाएगा और इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

    नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई

    CBSE ने चेतावनी दी है कि अगर कोई शिक्षक या अन्य व्यक्ति इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी जानकारी, निजी अनुभव या टिप्पणी साझा करना नियमों का उल्लंघन है और इसे गंभीरता से लिया जाएगा।

    छात्रों और अभिभावकों के लिए अपील

    CBSE ने छात्रों, अभिभावकों और अन्य हितधारकों से अपील की है कि परीक्षा से संबंधित जानकारी के लिए केवल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत माध्यमों पर भरोसा करें।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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