मां नहीं चाहती थीं पायलट बनें स्मित माछर, बोली थीं- विमान उड़ाने से लगता है डर; अब 174 यात्रियों की बचाई जान

भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर इन दिनों पूरी दुनिया में चर्चा में हैं। अपनी जान जोखिम में डालकर 174 यात्रियों की जान बचाने के बाद उन्हें बहादुरी के लिए दुनियाभर से सराहना मिल रही है। इसी बीच स्मित माछर का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने पायलट बनने के अपने सफर और परिवार की प्रतिक्रिया के बारे में बताया था।
मां नहीं चाहती थीं बेटा बने पायलट
स्मित माछर ने 'झलक मेहता' के पॉडकास्ट में बताया था कि जब उन्होंने अपनी मां को पायलट बनने की इच्छा के बारे में बताया, तो वह काफी डर गई थीं। उन्होंने बताया था कि करीब 15-17 साल पहले एविएशन सेक्टर आज की तरह लोकप्रिय नहीं था। ऐसे में जब उन्होंने पायलट बनने की बात कही, तो उनकी मां को यह फैसला बिल्कुल आसान नहीं लगा। उन्हें सबसे ज्यादा डर इस बात का था कि उनका बेटा विमान उड़ाएगा।
परिवार का बिजनेस संभालने वाले थे स्मित
स्मित माछर ने बताया था कि उनका शुरुआती प्लान परिवार के बिजनेस से जुड़ने का था। वह परिवार की मदद करना चाहते थे और बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए मैनेजमेंट की पढ़ाई करने की योजना बना रहे थे। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना करियर प्लान बदल दिया और एविएशन को अपना पेशा चुना। उन्होंने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी की थी।
174 यात्रियों की जान बचाने के बाद चर्चा में आए
अब स्मित माछर उस घटना के बाद सुर्खियों में हैं, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर अपनी जान जोखिम में डालकर विमान में सवार 174 यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। उनकी बहादुरी की चर्चा भारत के साथ-साथ विदेशों में भी हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई प्रमुख हस्तियों ने उनकी सराहना की है।
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पीएम मोदी ने जताया गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मित माछर की बहादुरी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें भारतीय पायलट पर गर्व है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू ने भी माछर की बहादुरी की सराहना की। जिस पायलट के विमान उड़ाने से कभी उनकी मां डरती थीं, वही स्मित माछर आज अपनी बहादुरी के लिए दुनिया भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं।




















