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पहली बार हमले का हथियार बनी 'क्रैश Axe'! स्मित मछार पर चाकू से नहीं हुआ था वार

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से नहीं, बल्कि कॉकपिट में मौजूद क्रैश एक्स से हमला किया। जानिए विमान में क्यों रखी जाती है ये कुल्हाड़ी।
पहली बार हमले का हथियार बनी 'क्रैश Axe'! स्मित मछार पर चाकू से नहीं हुआ था वार

नई दिल्ली। दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट द्वारा कैप्टन स्मित मछार पर हमले के मामले में एक अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट ने हमला करने के लिए चाकू या बाहर से लाए गए किसी हथियार का इस्तेमाल नहीं किया था। उसने कॉकपिट में पहले से मौजूद क्रैश एक्स यानी फायर एक्स से कैप्टन पर हमला किया। विमान में मौजूद यह कुल्हाड़ी यात्रियों या क्रू पर हमला करने के लिए नहीं, बल्कि आपात स्थिति में जान बचाने के लिए रखी जाती है। इसका इस्तेमाल विमान में आग लगने या क्रैश के बाद बाहर निकलने का रास्ता बनाने जैसी परिस्थितियों में किया जा सकता है।

कॉकपिट में क्यों रखी जाती है क्रैश एक्स?

विमान के कॉकपिट में कई ऐसे हिस्से होते हैं, जहां आग लगने की स्थिति में सीधे पहुंचना आसान नहीं होता। दीवारों, फर्श और छत के पैनलों के पीछे बिजली के तार और सर्किट मौजूद होते हैं। आग लगने पर क्रू सदस्य क्रैश एक्स की मदद से इन पैनलों को काटकर आग तक पहुंच सकते हैं और उसे बुझाने की कोशिश कर सकते हैं। यह उपकरण विमान में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए रखा जाता है और सामान्य स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहता है।

क्रैश के बाद रास्ता बनाने में भी आती है काम

विमान दुर्घटना की स्थिति में एयरफ्रेम के क्षतिग्रस्त होने से सामान्य निकास द्वार जाम हो सकते हैं। ऐसे में क्रैश एक्स की मदद से मलबे या विमान के कुछ हिस्सों को हटाकर वैकल्पिक रास्ता बनाने की कोशिश की जा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कुल्हाड़ी का इस्तेमाल विंडशील्ड तोड़ने के लिए करना इसका मुख्य उद्देश्य नहीं है। इसका मूल मकसद आपात स्थिति में क्रू की मदद करना और लोगों की जान बचाना है।

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सुरक्षा उपकरण का पहली बार हुआ ऐसा इस्तेमाल

फ्लाईदुबई की इस घटना में कॉकपिट में मौजूद सुरक्षा उपकरण का किसी व्यक्ति पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। घटना के बाद विमानन सुरक्षा से जुड़े मौजूदा इंतजामों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। एयरपोर्ट सुरक्षा के तहत यात्रियों से कई नुकीली वस्तुएं प्रतिबंधित रहती हैं, जबकि कॉकपिट में क्रैश एक्स जैसे उपकरण विमान की सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होते हैं। इस घटना ने कॉकपिट के अंदर मौजूद सुरक्षा उपकरणों के संभावित दुरुपयोग को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

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घटना के बाद एविएशन सिक्योरिटी पर चर्चा

इस मामले के बाद क्रू सदस्यों की जांच, बैकग्राउंड चेक और कॉकपिट में मौजूद उपकरणों की सुरक्षा जैसे पहलुओं पर चर्चा हो रही है। हालांकि, क्रैश एक्स विमान की आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है और इसे आग या दुर्घटना जैसी परिस्थितियों में इस्तेमाल करने के लिए रखा जाता है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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