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WhatsApp पर AI एजेंट भी कर सकते हैं Spam, साइबर सिक्योरिटी रिसर्च ने दी यूजर्स को चेतावनी

व्हाट्सऐप पर स्पैम मैसेज का खतरा AI एजेंट की वजह से बढ़ सकता है। साइबर सिक्योरिटी कंपनी Zenity की रिसर्च में AI ब्राउजर एजेंट के जरिए व्हाट्सऐप कॉन्टैक्ट्स को स्पैम भेजने की संभावना सामने आई है। जानिए AI एजेंट कैसे काम करते हैं, इससे जुड़े सिक्योरिटी रिस्क क्या हैं और व्हाट्सऐप समेत अपने अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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WhatsApp पर AI एजेंट भी कर सकते हैं Spam, साइबर सिक्योरिटी रिसर्च ने दी यूजर्स को चेतावनी
व्हाट्सऐप पर स्पैम मैसेज का खतरा AI एजेंट की वजह से बढ़ सकता है।

आज के समय में WhatsApp लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। दोस्तों और परिवार से बातचीत से लेकर ऑफिस और बिजनेस के काम तक, करोड़ों लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। दुनियाभर में हर दिन व्हाट्सऐप पर अरबों मैसेज भेजे जाते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से व्हाट्सऐप यूजर्स को अनजान नंबरों से आने वाले स्पैम और Promotional Messages परेशान कर रहे हैं। अब साइबर सिक्योरिटी रिसर्च में सामने आया है कि आने वाले समय में AI एजेंट इस समस्या को और बढ़ा सकते हैं।

साइबर सिक्योरिटी रिसर्च में क्या सामने आया?

साइबर सिक्योरिटी कंपनी Zenity की एक नई स्टडी में AI एजेंट को लेकर चिंता जताई गई है। रिसर्च के मुताबिक, AI एजेंट का इस्तेमाल व्हाट्सऐप कॉन्टैक्ट को बड़ी संख्या में स्पैम मैसेज भेजने के लिए किया जा सकता है। स्टडी के दौरान रिसर्चर्स ने OpenAI के Atlas Browser के AI Agent को मैनिपुलेट करके व्हाट्सऐप कॉन्टैक्ट को स्पैम मैसेज भेजने का प्रयोग किया। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि यह व्हाट्सऐप की सिक्योरिटी में कोई खामी नहीं है। रिसर्च के दौरान व्हाट्सऐप का एंड टू एंड एन्क्रिप्शन सुरक्षित रहा और इसे बायपास नहीं किया जा सका। असल समस्या AI ब्राउजर एजेंट से जुड़ी है, जो यूजर की तरह अलग-अलग वेबसाइट पर काम कर सकता है।

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क्या होते हैं AI Agents?

AI एजेंट ऐसे सॉफ्टवेयर सिस्टम होते हैं जो किसी यूजर के दिए गए Task को खुद पूरा करने की कोशिश करते हैं। इनमें Reasoning, मेमोरी और प्लानिंग जैसी क्षमताएं होती हैं। साधारण चैटबॉट और AI एजेंट में बड़ा अंतर है। चैटबॉट आमतौर पर आपके सवालों का जवाब देता है। वहीं AI Agent किसी काम को पूरा करने के लिए खुद कई स्टेप्स उठा सकता है। उदाहरण के लिए AI एजेंट टिकट बुक करने, ऑनलाइन शॉपिंग करने या ग्रॉसरी ऑर्डर करने जैसे काम कर सकता है। यह अलग-अलग सौर्स से जानकारी जुटाकर सिचुएशन को समझता है और उसके आधार पर आगे का फैसला ले सकता है।

AI Agent से कैसे बढ़ सकता है Spam का खतरा?

AI एजेंट को अगर किसी ब्राउजर्स या दूसरे सिस्टम का ज्यादा एक्सेस मिल जाए, तो वे यूजर की तरफ से कई तरह के काम कर सकते हैं। Zenity की रिसर्च के मुताबिक, AI ब्राउजर्स एजेंट का गलत इस्तेमाल करके बड़े पैमाने पर स्पैम कैंपियन चलाए जा सकते हैं। यानी किसी व्यक्ति को एक-एक करके स्पैम मैसेज भेजने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि AI एजेंट कई कॉन्टैक्ट्स को एक साथ मैसेज भेज सकता है। रिसर्च में AI ब्राउजर्स और एक्सटेंशन से जुड़े 20 से ज्यादा सिक्योरिटी इश्यू का भी जिक्र किया गया है। इनका गलत इस्तेमाल करके अटैकर्स यूजर के कंप्यूटर में मौजूद फाइल्स तक पहुंचने, पासवर्ड मैनेजर को प्रभावित करने, ऑनलाइन खरीदारी करने और स्पैम कैंपियन को ऑटोमेट करने जैसी गतिविधियां कर सकते हैं।

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AI Browser Agents क्यों बन रहे हैं बड़ी चुनौती?

AI ब्राउजर्स अजेंट्स की खासियत यह है कि वे बहुत कम यूजर इंटरेक्शन के साथ अलग-अलग बेवसाइट्स पर कई तरह के टास्क कर सकते हैं। यही सुविधा अब साइबर सिक्योरिटी के लिए चुनौती बनती जा रही है। रिसर्च करने वाली कंपनी के को फाउंडर मिचेल बारगी के मुताबिक, AI एजेंट ने ब्राउजर्स के कुछ सिक्योरिटी कंट्रोल को कमजोर कर दिया है। इससे ब्राउजर्स हिजेकिंग, अकाउंट कम्प्रेसिंग और डाटा डेफ्ट जैसे खतरे पैदा हो सकते हैं। इसलिए एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूजर्स को यह सोच-समझकर तय करना चाहिए कि वे AI एजेंट को अपने डिवाइस, ब्राउजर्स, अकाउंट्स और पर्सनल डाटा का कितना एक्सेस दे रहे हैं।

OpenAI को पहले ही दी गई थी जानकारी

Zenity ने Atlas ब्राउजर से जुड़ी इस समस्या की जानकारी इसी साल जनवरी में ऑपन AI को दे दी थी। कंपनी की तरफ से कहा गया कि वह प्रॉम्प्ट इंजेक्शन अटैक पर लगातार रिसर्च कर रही है और इस तरह की समस्या को कम करने के लिए अपडेट्स भी जारी किए गए हैं। वहीं, ऑपन का एटलस ब्राउजर 9 अगस्त से बंद होने जा रहा है। कंपनी ने इसे आगे जारी नहीं रखने का फैसला किया है।

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WhatsApp Users को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

AI एजेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यूजर्स को भी सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी AI टूल या ब्राउजर एजेंट को जरूरत से ज्यादा पर्मिशन देने से बचें। खासकर अपने व्हाट्सऐप, ईमेल, बैंकिंग, शॉपिंग अकाउंट और पासवर्ड मैनेजर जैसी सेंसिटिव सर्विस का एक्सेस देने से पहले अच्छी तरह जांच कर लें। AI एजेंट जहां हमारे कई काम आसान बना सकते हैं, वहीं गलत हाथों में पड़ने पर ये स्पैम और साइबर अटेक का नया जरिया भी बन सकते हैं।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani
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