Garima Vishwakarma
1 Feb 2026
Garima Vishwakarma
1 Feb 2026
Manisha Dhanwani
1 Feb 2026
हर साल जब केंद्रीय बजट पेश किया जाता है, तो देशभर की निगाहें सरकार की आर्थिक नीतियों और बड़े फैसलों पर टिकी रहती हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों से बजट के दिन एक और चीज भी लोगों का ध्यान खींचती है और वह है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की साड़ी। बजट भाषण से पहले ही उनका पहनावा हर बार चर्चा में आ जाता है। लोग सिर्फ यह नहीं जानना चाहते कि बजट में क्या ऐलान हुआ, बल्कि यह भी देखना चाहते हैं कि इस बार वित्त मंत्री किस राज्य की पारंपरिक साड़ी पहनकर संसद पहुंचीं।
निर्मला सीतारमण की बजट डे साड़ी भारत की समृद्ध हथकरघा परंपरा, कारीगरों की मेहनत और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन चुकी है। हर साल उनकी साड़ी देश के किसी न किसी कोने की कला और बुनाई को सामने लाती है। यही वजह है कि उनका बजट लुक आम लोगों से लेकर फैशन और कला के जानकारों तक के बीच खास चर्चा का विषय बन जाता है।
बजट 2026 के दिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तमिलनाडु की पारंपरिक कांजीवरम सिल्क साड़ी में नजर आईं। यह साड़ी तमिलनाडु की प्रसिद्ध हथकरघा विरासत का हिस्सा है और इसे भारत की सबसे शाही और टिकाऊ साड़ियों में गिना जाता है।
इस बार उन्होंने मैजेंटा और बैंगनी रंग की हाथ से बुनी कांजीवरम सिल्क साड़ी पहनी थी, जिसमें सुनहरे जरी का खूबसूरत काम किया गया था। साड़ी का पल्लू और बॉर्डर आकर्षक और गरिमापूर्ण था, जो बजट जैसे गंभीर अवसर के लिए पूरी तरह उपयुक्त नजर आया।
कांजीवरम साड़ियां अपनी मजबूती, भारी बनावट और शुद्ध रेशम के लिए जानी जाती हैं। इन्हें तमिलनाडु के कांचीपुरम क्षेत्र में हाथ से बुना जाता है।
इन साड़ियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें बनाने में शुद्ध मल्बरी सिल्क और सोने-चांदी की जरी का इस्तेमाल होता है। कांजीवरम साड़ी तैयार करने में कई दिन लगते हैं, कभी-कभी इसे पूरा करने में दो हफ्ते तक का समय भी लगता है। इसमें कोरवाई तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिसमें बॉर्डर और साड़ी का शरीर अलग-अलग बुना जाता है, जबकि पल्लू पेटनी विधि से जोड़ा जाता है। यही कारण है कि ये साड़ियां बेहद मजबूत और टिकाऊ होती हैं।
निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। इस दौरान उनकी साड़ी पसंद भी एक परंपरा बन चुकी है। इससे पहले 2025 में उन्होंने मधुबनी पेंटिंग वाली साड़ी पहनी थी, जो बिहार की लोककला को दर्शाती थी। वह साड़ी उन्हें प्रसिद्ध मधुबनी कलाकार और पद्म पुरस्कार विजेता दुलारी देवी ने गिफ्ट की थी।
हर साल उनकी साड़ी भारत के किसी राज्य की कला, बुनाई और कारीगरों की मेहनत को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाती है। यही कारण है कि उनकी साड़ियां सिर्फ पहनावा नहीं रह गई हैं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और कारीगरी का प्रतीक बन गई हैं।
अब बजट डे सिर्फ आर्थिक फैसलों का दिन नहीं रहा। वित्त मंत्री का पारंपरिक पहनावा भी देश की नजरों में छा जाता है। निर्मला सीतारमण की साड़ी देश के कारीगरों और हथकरघा उद्योग की मेहनत को पूरे देश के सामने लाती है। बजट भाषण के साथ उनका लुक भी हमेशा मीडिया और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनता है।
इस बार भी तमिलनाडु की कांजीवरम साड़ी ने बजट दिवस को और खास बना दिया।