वॉशिंगटन।अमेरिका में अब बिना पानी के जमीन की गर्मी से बिजली बनाने की तैयारी तेज हो गई है। ह्यूस्टन की जियोथर्मल कंपनी XGS Energy न्यू मैक्सिको में एक डीप वर्टिकल कुआं खोदने जा रही है। इस ड्रिलिंग का मकसद जमीन के नीचे के तापमान और भूविज्ञान का सटीक डेटा जुटाना है, ताकि भविष्य में बिना पानी वाला कमर्शियल जियोथर्मल प्लांट लगाया जा सके।
DOE ने दी बड़ी फंडिंग
अमेरिकी ऊर्जा विभाग (Department of Energy) ने XGS Energy को फेडरल फंडिंग के लिए चुना है। ये फंडिंग 99 मिलियन डॉलर के मेगा जियोथर्मल प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसके तहत देशभर में 21 अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट में XGS के साथ तीन बड़े पार्टनर Baker Hughes, New Mexico Tech और Sandia National Laboratories
न्यू मैक्सिको के लिए क्यों खास है ये प्रोजेक्ट
अक्सर जियोथर्मल एनर्जी के लिए बहुत सारे पानी की जरूरत होती है, लेकिन न्यू मैक्सिको जैसे कई इलाकों में पानी की भारी कमी है। XGS का सिस्टम इसी प्रॉब्लम का सॉल्यूशन है। कंपनी ने ऐसा वाटरलेस क्लोज्ड-लूप सिस्टम डिजाइन किया है जो पानी के बिना ही काम करेगा। इससे उन जगहों पर भी बिजली बनाई जा सकेगी जहां जियोथर्मल हीट तो है, पर पानी नहीं।
कैसे काम करता है XGS का क्लोज्ड-लूप सिस्टम
पारंपरिक जियोथर्मल प्लांट जमीन के नीचे मौजूद नेचुरल गर्म पानी पर निर्भर होते हैं। जबकि, XGS एक अलग टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। इसमें जमीन के नीचे सीलबंद कुएं बनाए जाते हैं। इन कुओं में एक स्पेशल वर्किंग फ्लूइड लगातार घूमता रहता है। ये फ्लूइड जमीन के नीचे गर्म चट्टानों से सीधे गर्मी सोख लेता है। भूजल को बाहर निकालने की जरूरत नहीं पड़ती। कंपनी का कहना है कि न्यू मैक्सिको वाला कुआं अभी बिजली बनाने के लिए नहीं, बल्कि एक असेसमेंट कुआं है। ड्रिलिंग से जो थर्मल और जियोलॉजिकल डेटा मिलेगा, उससे बड़े कमर्शियल प्रोजेक्ट्स का रिस्क काफी कम हो जाएगा।
सस्ती बिजली मिलेगी
XGS Energy की चीफ कमर्शियल ऑफिसर लुसी डारागो ने कहा, न्यू मैक्सिको में जियोथर्मल एनर्जी की अपार संभावनाएं हैं। हम ऊर्जा विभाग के शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने अंडरग्राउंड डेटा कलेक्शन में पैसा लगाया। यही डेटा हमारे देश के जियोथर्मल संसाधनों को सस्ती और भरोसेमंद बिजली में बदलने में मदद करेगा। इस प्रोजेक्ट में हर पार्टनर की अलग भूमिका होगी। बेकर ह्यूजेस ड्रिलिंग और फॉर्मेशन टेस्टिंग के साथ-साथ अपनी इंडस्ट्रियल एक्सपर्टीज देगा।
अब पानी की कमी रोड़ा नहीं बनेगी
नई जनरेशन की जियोथर्मल टेक्नोलॉजी को इसलिए बनाया जा रहा है ताकि जियोथर्मल पावर सिर्फ उन जगहों तक सीमित न रहे जहां पहले से गर्म पानी और पारगम्य चट्टानें मौजूद हैं। XGS का कहना है कि उनका तरीका जियोथर्मल प्रोडक्शन को नेचुरल वाटर सोर्स और खास जियोलॉजिकल कंडीशन पर निर्भर होने से मुक्त करता है। कंपनी का टारगेट उन इलाकों में भी 24x7 ग्रिड पावर पहुंचाना है जहां जमीन के नीचे आसानी से गर्म चट्टानें मिल जाती हैं।