लंदन के 100 साल पुराने भारतीय रेस्टोरेंट 'वीरास्वामी' को हटाने की कोशिश, मालिक ने क्राउन एस्टेट पर लगाया भेदभाव का आरोप
मिशेलिन स्टार वीरास्वामी के ग्राहक रहे हैं नेहरू, इंदिरा गांधी और महात्मा गांधी। रीजेंट स्ट्रीट की लीज न बढ़ाने पर 4 नवंबर को कोर्ट में हो सकती है सुनवाई। क्राउन एस्टेट का कहना है कि उसे विक्ट्री हाउस की मरम्मत करने की जरूरत है क्योंकि बिल्डिंग की हालत खराब है।
Publish Date: 8 Oct 2026, 1:35 PM (IST)Updated On: 8 Oct 2026, 1:37 PM (IST)Reading Time: 3 Minute Read
लंदन में भारतीय रेस्टोरेंट 'वीरास्वामी'
लंदन। ब्रिटेन के सबसे पुराने भारतीय रेस्टोरेंट 'वीरास्वामी' के मालिक ने क्राउन एस्टेट पर आरोप लगाया है कि वह लंदन की मशहूर रीजेंट स्ट्रीट वाली जगह से मिशेलिन-स्टार वाले इस रेस्टोरेंट को हटाकर यूरोपीय खाने को भारतीय खाने की परंपराओं से बेहतर दिखाने की कोशिश कर रहा है। MW Eat के रंजीत मथरानी, जिनके पास यह रेस्टोरेंट है, वीरास्वामी की लीज न बढ़ाने के फैसले के खिलाफ 4 नवंबर को क्राउन एस्टेट को कोर्ट में ले जा रहे हैं। इस रेस्टोरेंट के ग्राहकों में कभी जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और महात्मा गांधी भी शामिल रहे हैं। बता दें कि क्राउन एस्टेट यूनाइटेड किंगडम के राजा के अधिकार के तहत आने वाली सार्वजनिक और व्यावसायिक संपत्तियों का एक विशाल और स्वतंत्र समूह है, जो किसी भी ब्रिटिश सम्राट की निजी संपत्ति नहीं है।
मरम्मत को बताया कारण
क्राउन एस्टेट का कहना है कि उसे विक्ट्री हाउस की मरम्मत करने की जरूरत है क्योंकि बिल्डिंग की हालत खराब है। इस पर मथरानी ने कहा, क्या वे ऐसा ही बर्ताव करते अगर यह कोई मशहूर फ्रेंच या यूरोपीय रेस्टोरेंट होता, क्या यह रवैया उनकी संकीर्ण सोच की वजह से है। इसमें वे 100 साल पुराने संस्थान और दुनिया में भारतीय खाने के सबसे बड़े संस्थानों में से एक वीरास्वामी को किसी फ्रेंच या यूरोपीय संस्थान के बराबर नहीं मानते। मुझे बस एक ही वजह समझ आती है कि वे भारतीय खाने को फ्रेंच खाने के बराबर अहमियत, स्तर या नजाकत वाला नहीं मानते। मथरानी ने कहा कि क्राउन एस्टेट ने वीरास्वामी में परोसे जाने वाले भारतीय खाने को उतनी अहमियत नहीं दी है।
ब्रिटिश महारानी के लिए की थी दो बार कैटरिंग
इस सवाल पर कि क्या किंग चार्ल्स को भारतीय खाना पसंद है, मथरानी ने कहा, वीरास्वामी ने बकिंघम पैलेस में दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के लिए दो बार कैटरिंग की थी। यह एकमात्र ऐसा मौका था जब किसी बाहरी कैटरर ने बकिंघम पैलेस के अंदर कैटरिंग की थी। हम जानते हैं कि वह खुद वीरास्वामी को पसंद करती थीं और उसकी तारीफ करती थीं। लेकिन मैं किंग के बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकता।
क्राउन एस्टेट ने किया खंडन
क्राउन एस्टेट के एक प्रवक्ता ने इस बात का खंडन किया कि वे किसी खास तरह के खाने को प्राथमिकता देते हैं। प्रवक्ता ने कहा, हमें अपने वेस्ट एंड पोर्टफोलियो में खाने-पीने के विविध विकल्पों पर गर्व है, जो खुद लंदन की विविधता को दर्शाते हैं। यह मुश्किल फैसला इस ऐतिहासिक इलाके के संरक्षक के तौर पर हमारी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। साथ ही, हमने MW Eat को अपने पोर्टफोलियो में नई जगह खोजने में मदद करने और उन्हें आर्थिक मुआवजा देने का प्रस्ताव भी दिया है।

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