Strait of Hormuz में टैंकरों पर हमलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, एक हफ्ते में 12 हमले, ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद सबसे ज्यादा

रियाद। पिछले हफ्ते होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले टैंकरों पर सबसे ज्यादा हमले हुए हैं।यह ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से किसी भी हफ्ते के मुकाबले सबसे ज्यादा थे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यह बढ़ोतरी तब हुई है जब खाड़ी क्षेत्र के प्रोड्यूसर देशों ने अपना एक्सपोर्ट बढ़ा दिया है। तीन मैरीटाइम सिक्योरिटी सोर्सेज के डेटा के मुताबिक 28 सितंबर से 5 अक्टूबर के हफ्ते में इस स्ट्रेट के आसपास टैंकरों पर कम से कम 12 हमले हुए हैं। यह जहाज तेल, लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) ले रहे थे।
सबसे ज्यादा निशाना बनाने की घटनाएं
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हमले जारी
खाड़ी देशों से तेल निर्यात बढ़ा
होर्मुज में भारतीय झंडे वाले जहाजों पर गोलीबारी
- सनमार हेराल्ड: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना से जुड़ी ताकतों ने इस पर गोलीबारी की। इससे खिड़कियों को नुकसान पहुंचा, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।
- जग अर्नव: भारतीय झंडे वाले इस टैंकर को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर होना पड़ा, क्योंकि जलडमरूमध्य में ईरानी गनबोट्स ने गोलीबारी शुरू कर दी थी।
- VLCC टैंकर: कच्चे तेल को ले जाने वाले एक बड़े टैंकर (जिस पर "INDIANSHIPINDIANCREW" का सिग्नल चल रहा था और जिसमें लगभग 20 लाख बैरल इराकी तेल था) पर भी गोलीबारी की गई और उसे पीछे हटने पर मजबूर किया गया।
भारतीय क्रू वाले विदेशी झंडे के जहाजों पर हमले
- MT ऑन पीस (पनामा के झंडे वाला): 6 अक्टूबर 2026 को ओमान के तट के पास एक प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट जैसा हथियार) से हमला हुआ। इसमें जहाज पर मौजूद 17 भारतीय क्रू सदस्यों में से 11 घायल हो गए।
- MT अल बहिया और MT मोम्बासा: जुलाई 2026 में इन पर हमला हुआ, जब इनमें भारतीय नाविक सवार थे। इस घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर विरोध दर्ज कराया।
- इससे पहले की घटनाओं में MKD व्योम जैसे जहाज और अन्य शामिल थे, जिनमें भारतीय नाविक घायल हुए या मारे गए।




















