Saudi Arabia Airport Attack: हूती विद्रोहियों ने रियाद और आभा एयरपोर्ट को बनाया निशाना, 2 की मौत और 36 घायल

काहिरा। सऊदी अरब के दो बड़े हवाई अड्डों को हूती विद्रोहियों ने निशाना बनाया है। आभा एयरपोर्ट और रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों में 2 लोगों की मौत और 36 लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमले के बाद सऊदी अरब ने एयरपोर्ट और तेल से जुड़े अहम ठिकानों की सुरक्षा बढ़ा दी है। इस घटनाक्रम ने यमन युद्ध के साथ-साथ सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय तेल आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है।
दो एयरपोर्ट पर कैसे हुआ हमला?
सऊदी अरब के अधिकारियों के मुताबिक, आभा और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। हालांकि, सऊदी जनरल अथॉरिटी फॉर सिविल एविएशन ने हमले के लिए किसी पक्ष को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं बताया। इसके बावजूद हूती संगठन की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने के बाद इस घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
हूतियों ने सऊदी अरब को दी चुनौती, एयरपोर्ट और सैन्य ठिकाने पर हमले का दावा
आभा एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा नुकसान
आभा एयरपोर्ट पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हुई। जानकारी के अनुसार: मृतकों में मोरक्को और अल्जीरिया के नागरिक शामिल हैं। इस हमले में 28 लोग घायल हुए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है। आभा एयरपोर्ट इससे पहले भी यमन से होने वाले हमलों के कारण चर्चा में रहा है। सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में स्थित होने के कारण यह इलाका यमन संघर्ष के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है।
रियाद में भी पहुंचा हमला
हूती हमलों का असर सऊदी अरब की राजधानी रियाद तक पहुंच गया। किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया। इस हमले में सूडान के एक नागरिक की मौत हुई। 8 अन्य लोग घायल हुए। सऊदी सुरक्षा बलों ने मिसाइल हमले को रोकने की कार्रवाई की। एयरपोर्ट और आसपास के संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाई गई। रियाद पर हमले की खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सऊदी अरब का राजनीतिक और आर्थिक केंद्र है। राजधानी के आसपास तेल और सैन्य प्रतिष्ठान भी मौजूद हैं।
सऊदी सेना ने बैलिस्टिक मिसाइल को किया इंटरसेप्ट
हूती हमले के बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की के अनुसार, सेना ने रियाद के उत्तर में एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक दिया। सऊदी सेना ने यमन की राजधानी सना में उस प्लेटफॉर्म को भी निशाना बनाया, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर सऊदी राजधानी पर हमले के लिए किया गया था। इस कार्रवाई से साफ है कि सऊदी अरब अब केवल एयर डिफेंस तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि हमलों के पीछे मौजूद लॉन्च साइटों को भी निशाना बना रहा है।
Saudi Arabia में Aramco की सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई?
एयरपोर्ट हमलों के बाद सऊदी अरब ने अपनी तेल संपत्तियों की सुरक्षा भी बढ़ा दी है। रियाद एयरपोर्ट के पास स्थित सऊदी अरामको के फ्यूल टैंक और दूसरे उपकरणों के आसपास नई सुरक्षा बाड़ लगाई गई है। यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देशों में शामिल है। तेल प्रतिष्ठानों पर किसी बड़े हमले का असर केवल सऊदी अरब तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी पड़ सकता है।



















