PU Special :शराब पीकर स्टीयरिंग सीट पर बैठा ड्राइवर तो स्टार्ट नहीं होगी बस! AI से लैस होंगी एमपी की नई ‘सुगम बसें’

शैलेन्द्र वर्मा, इंदौर। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा योजना के तहत नई तकनीक से लैस बसों का मॉडल सामने आया है। इंदौर में आयोजित मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा परिवहन समिट-2026 के एक्सपो में टाटा, स्विच, ईका, आयशर-वैरो ईगल सहित प्रमुख कंपनियों ने आधुनिक बसों के मॉडल प्रदर्शित किए।
एआई आधारित ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम
एक्सपो में प्रदर्शित आधुनिक बसों में सुरक्षा तकनीक खास आकर्षण रही। इनमें एआई आधारित ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी तकनीक शामिल है। पुणे की बस निर्माता के कम्पनी वैरो ईगल की प्रोजेक्ट मैनेजर फोरम ब्रम्भट्ट ने बताया कि हमारी बसों में यात्रियो की सुरक्षा और रोड सेफ्टी को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्राथमिकता दी जाती है। जिसके तहत बस को स्टार्ट करने से पहले बस में लगे ब्रेथ एनालाइज़र सिस्टम से ड्राइवर की अल्कोहल जांच होगी यदि ड्राइवर ने शराब पी रखी है तो बस स्टार्ट नहीं होगी। इसका उद्देश्य नशे में ड्राइविंग को रोककर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ईका के प्राजेक्ट मैनेजर रियाज ने बताया कि हमारी बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक अलार्म, सीट बेल्ट, बेहतर साउंड सिस्टम और फायर सेफ्टी सिस्टम जैसे फीचर भी शामिल किए जा रहे हैं। 45 डिग्री से अधिक तापमान की स्थिति में फायर सिक्योरिटी एक्शन जैसी तकनीक भी बसों को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सिंगल चार्ज में 200 से 500 किमी तक का सफर
एक्सपो में इलेक्ट्रिक बसों पर विशेष फोकस रहा। प्रदर्शित ई-बसों के अलग-अलग मॉडल सिंगल चार्ज में करीब 200 से 500 किलोमीटर तक की दूरी तय करने की क्षमता वाले बताए गए। इससे प्रदेश के शहरों के बीच पर्यावरण-अनुकूल और कम लागत वाले सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पीपीपी मॉडल पर विकसित होगा पूरा ट्रांसपोर्ट इकोसिस्टम
एमपीवायपीआईएल के डिप्टी सेक्रेट्री कमल नागर ने बताया कि मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा योजना के तहत सरकार सिर्फ बस संचालन तक सीमित नहीं रहना चाहती। बस निर्माण, संचालन, टिकटिंग, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं को जोड़कर पूरा ट्रांसपोर्ट इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है। यह व्यवस्था पीपीपी मॉडल पर आगे बढ़ाई जाएगी। इंदौर और भोपाल को छोड़कर प्रदेश के अन्य शहरों में पीपीपी मॉडल पर आईएसबीटी बस टर्मिनल विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। साथ ही टिकटिंग, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं से जुड़े स्टार्टअप्स को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की योजना है।
घर से लेकर बस तक कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा योजना के माध्यम से भविष्य में यात्रियों को घर से लेकर बस तक कनेक्टनीविटी देने की तैयारी है, इसके लिए एमपीवायपीआईएल रैपिडो से एमओयू करने जा रहा है। जिसके तहत एमपीवायपीआईएल की टिकट बुकिंग के साथ यात्रियों को यह विकल्प दिया जाएगा कि वो बस तक पहुंचने के लिए ओटो और कैब भी बुक कर सकेंगे। तय समय अनुसार आटो और कैब यात्रियों को घर पर रसीव करने पहुंच जाएंगे। इससे लोगों को अंतिम स्थान तक कनेक्टीविटी मिल जाएगी।
लोक परिवहन पीपीपी मॉडल मध्यप्रदेश होगा
परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा योजना के तहत दो दिवसीय समिट के दौरान हम एक ईको सिस्टम तैयार कर रहे है, जिससे लोक परिवहन सुगम बनाना है समिट के माध्यम से हमारी अपेक्षाएं उद्योग जगत, निवेशकों, बस निर्माता टेक कंपनियां बैंक और वित्तीय संस्थाओं, परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटीएमएस और डिजिटल सॉल्यूशन उपलब्ध करने वाली कम्पनियों से जो हमारी से जुड़कर काम करें और देश में एक बेहतर पीपीपी मॉडल पर आधारित बस सेवा मध्यप्रदेश में स्थापित हो।
सुरक्षित, किफायती, आरामदायक सार्वजनिक परिवहन का मॉडल
सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश में पुराने रोडवेज सिस्टम को आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बेहतर यात्री सुविधाओं से जोड़कर सुरक्षित, किफायती और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन का नया मॉडल तैयार करना है।
- मनीष सिंह, परिवहन सचिव
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