एयरपोर्ट हो या जिम…क्या स्टार्स खुद बुलाते हैं ‘पैप्स’? बॉलीवुड पैपराजी कल्चर का चौंकाने वाला सच, ऐसे मिलती है लोकेशन

मुंबई। फिल्म स्टार्स की जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा कैमरों के सामने नजर आता है। एयरपोर्ट से लेकर जिम, रेस्टोरेंट, शूटिंग सेट और फिल्म प्रमोशन तक, सेलिब्रिटीज जहां भी दिखाई देते हैं, कुछ ही मिनटों में उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में एक सवाल जरूर आता है आखिर पैपराजी को कैसे पता चलता है कि कोई स्टार किस समय कहां पहुंचने वाला है? क्या फोटोग्राफर्स हर समय सेलिब्रिटी की गाड़ियों के पीछे घूमते हैं या फिर इसके पीछे कोई पूरा नेटवर्क काम करता है? असल में इसका जवाब थोड़ा दिलचस्प है। हर सेलिब्रिटी स्पॉटिंग के पीछे एक जैसी कहानी नहीं होती। कई बार पैपराजी को किसी स्टार की मौजूदगी का पहले से अंदाजा होता है, तो कई बार वे किसी खास जगह पर इंतजार करते हैं और अचानक सेलिब्रिटी वहां पहुंच जाता है। इसके पीछे PR टीम, सेलिब्रिटी मैनेजमेंट, पैपराजी नेटवर्क, सोशल मीडिया और पुराने मूवमेंट पैटर्न जैसे कई फैक्टर काम करते हैं।
सबसे पहले समझिए, पैपराजी होते कौन हैं?
पैपराजी यानी ऐसे फोटोग्राफर और वीडियो जर्नलिस्ट जो मशहूर लोगों की तस्वीरें और वीडियो लेने का काम करते हैं। खासतौर पर बॉलीवुड और मनोरंजन जगत में पैपराजी सेलिब्रिटीज के पब्लिक अपीयरेंस को कवर करते हैं। ‘Paparazzi’ शब्द मूल रूप से इटालियन भाषा से आया है। इसका इस्तेमाल मशहूर लोगों की तस्वीरें लेने वाले फोटोग्राफर्स के लिए लोकप्रिय हुआ। भारत में आम बोलचाल में इन्हें ‘पैप्स’ भी कहा जाता है। ये फोटोग्राफर किसी सेलिब्रिटी के एयरपोर्ट लुक, जिम विजिट, रेस्टोरेंट अपीयरेंस, इवेंट या पब्लिक प्लेस पर पहुंचने के वीडियो और फोटो रिकॉर्ड करते हैं। बाद में यही कंटेंट सोशल मीडिया पेज, एंटरटेनमेंट वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पहुंचता है।
पैप्स को कैसे पता चलती है स्टार की लोकेशन?
यह सवाल सबसे ज्यादा लोगों को परेशान करता है। दरअसल, इसका कोई एक फॉर्मूला नहीं है। कई पैपराजी को यह पता होता है कि कौन सा सेलिब्रिटी नियमित रूप से किस जिम, रेस्टोरेंट या स्टूडियो में जाता है। अगर किसी स्टार की किसी खास जगह पर रोज या अक्सर मौजूदगी रहती है, तो फोटोग्राफर्स वहां पहले से मौजूद रह सकते हैं।
इसके अलावा सोशल मीडिया पोस्ट, सार्वजनिक कार्यक्रम, शूटिंग शेड्यूल से जुड़े संकेत और सेलिब्रिटी के पुराने पैटर्न से भी अनुमान लगाया जाता है। यानी हर बार यह जरूरी नहीं कि पैपराजी को स्टार की सटीक लोकेशन किसी ने फोन करके बताई हो।
PR टीम का भी होता है बड़ा रोल
बड़े बॉलीवुड सितारों के पीछे सिर्फ एक मैनेजर नहीं, बल्कि पूरी PR और communication team काम करती है। इस टीम का काम स्टार की सार्वजनिक छवि, फिल्मों, ब्रांड कैंपेन और मीडिया विजिबिलिटी को मैनेज करना होता है। जब किसी फिल्म की रिलीज नजदीक होती है या कोई नया ब्रांड कैंपेन शुरू होता है, तब सेलिब्रिटी की पब्लिक मौजूदगी बढ़ सकती है।
ऐसे समय पर पैपराजी कवरेज भी प्रमोशन का हिस्सा बन सकती है। किसी स्टार की तस्वीरें सोशल मीडिया पर लगातार दिखाई देने से लोगों के बीच उनकी चर्चा बनी रहती है। हालांकि, यह मान लेना गलत होगा कि हर फोटो और हर वीडियो PR टीम के कहने पर ही बनाया जाता है। कई स्पॉटिंग पूरी तरह सामान्य और अचानक भी होती हैं।
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नए कलाकारों के लिए पैपराजी क्यों जरूरी?
बड़े सितारों को पहचान दिलाने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती, क्योंकि लोग पहले से उन्हें जानते हैं। लेकिन नए कलाकारों के लिए लगातार दिखाई देना काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। मान लीजिए कोई नया एक्टर या एक्ट्रेस किसी बड़ी फिल्म में काम कर रहा है। फिल्म रिलीज होने से पहले अगर उसकी तस्वीरें जिम, एयरपोर्ट, इवेंट या रेस्टोरेंट से सोशल मीडिया पर दिखाई देती रहती हैं, तो धीरे-धीरे लोगों को उसका चेहरा और नाम याद होने लगता है। यही वजह है कि आज पैपराजी कवरेज को डिजिटल पब्लिसिटी के एक हिस्से के तौर पर भी देखा जाता है।
एयरपोर्ट क्यों बन गया है फैशन स्पॉट?
कुछ साल पहले एयरपोर्ट सिर्फ यात्रा करने की जगह माना जाता था। अब बॉलीवुड के लिए यह एक तरह का फैशन और कंटेंट स्पॉट बन चुका है। किस स्टार ने क्या पहना? कौन सा बैग लिया? किस ब्रांड के जूते पहने? चश्मा कैसा था? कुछ ही मिनटों में इन चीजों पर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो जाती है। कई बार सेलिब्रिटी के कपड़े या एक्सेसरीज ब्रांड प्रमोशन का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन हर एयरपोर्ट लुक को पेड प्रमोशन मानना सही नहीं होगा।
जिम स्पॉटिंग के पीछे क्या है कहानी?
मुंबई में कई सेलिब्रिटीज कुछ खास जिम और फिटनेस सेंटर में जाते हैं। इन जगहों के बारे में पैपराजी को पहले से जानकारी होती है। अगर कोई स्टार लगातार एक ही जिम जाता है, तो फोटोग्राफर्स वहां इंतजार कर सकते हैं। उन्हें हर दिन सेलिब्रिटी की लाइव लोकेशन जानने की जरूरत नहीं होती। कई बार सिर्फ इतना पता होना काफी होता है कि स्टार आमतौर पर किस समय और किस जगह दिखाई देता है।
पैपराजी का अपना नेटवर्क भी करता है काम
मुंबई में लंबे समय से काम कर रहे फोटोग्राफर्स का अपना नेटवर्क भी होता है। उन्हें शहर के उन स्थानों की जानकारी होती है जहां बॉलीवुड सितारे अक्सर दिखाई देते हैं। जिम, स्टूडियो, रेस्टोरेंट, एयरपोर्ट और इवेंट वेन्यू जैसी जगहों पर काम करने वाले लोगों से भी फोटोग्राफर्स के पेशेवर संपर्क हो सकते हैं।
सोशल मीडिया ने काम और आसान कर दिया
आज सोशल मीडिया पैपराजी के लिए बहुत बड़ा सोर्स है। किसी सेलिब्रिटी की पुरानी पोस्ट, स्टोरी, सार्वजनिक कार्यक्रम या फोटो से उनके मूवमेंट का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके अलावा किसी इवेंट में स्टार की मौजूदगी पहले से सार्वजनिक हो तो पैपराजी उसी हिसाब से वहां पहुंच जाते हैं। यानी सोशल मीडिया ने सेलिब्रिटी स्पॉटिंग के पूरे सिस्टम को पहले के मुकाबले काफी तेज कर दिया है।
पैपराजी कमाते कैसे हैं?
पैपराजी के लिए फोटो और वीडियो सिर्फ तस्वीरें नहीं, बल्कि कंटेंट हैं। आज कई फोटोग्राफर्स अपना कंटेंट डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया पेज और एंटरटेनमेंट एजेंसियों के जरिए इस्तेमाल करते हैं। अगर किसी बड़े स्टार का वीडियो वायरल हो जाता है और उस पर लाखों व्यूज आते हैं, तो उस कंटेंट की मांग बढ़ जाती है। यही वजह है कि पैपराजी ऐसी जगहों पर मौजूद रहना चाहते हैं जहां बड़े सेलिब्रिटीज के दिखने की संभावना ज्यादा हो। बड़ी एंटरटेनमेंट वेबसाइट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म भी ऐसे फोटो-वीडियो का इस्तेमाल करते हैं।











