'पहले खुद खाओ, फिर बच्चों को खिलाओ'... पान मसाला विज्ञापन करने वाले बॉलीवुड सितारों पर भड़के FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे

पान मसाला और गुटखा के विज्ञापनों को लेकर महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बॉलीवुड सितारों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने पान मसाला का प्रचार करने वाले फिल्मी सितारों को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे इन उत्पादों को जनता के सामने सही बता रहे हैं, तो पहले खुद इनका सेवन करें और अपने बच्चों को भी खिलाएं। उनके इस बयान ने विमल इलायची विज्ञापन विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है। इस मामले में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। अब तीनों के जवाब मिलने के बाद सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
तुकाराम मुंढे ने बॉलीवुड सितारों को क्यों घेरा?
ANI के मुताबिक, FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने पान मसाला और गुटखा विज्ञापनों में नजर आने वाले सेलिब्रिटीज की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी उत्पाद का प्रचार करने वाले व्यक्ति को उसकी जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए। मुंढे ने दोहरे मापदंडों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि निजी और पेशेवर जिंदगी के लिए अलग-अलग नियम नहीं होने चाहिए।
उनका कहना है कि अगर कोई अभिनेता किसी उत्पाद का प्रचार करता है, तो वह केवल विज्ञापन की शूटिंग करके अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकता। मुंढे के बयान का मुख्य संदेश यह था कि लोकप्रियता और पैसे के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी आती है।
शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को FDA का नोटिस
महाराष्ट्र FDA ने विमल इलायची के विज्ञापन मामले में बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। FDA को आशंका है कि इलायची के नाम पर दिखाए जाने वाले विज्ञापन के जरिए प्रतिबंधित पान मसाला या तंबाकू उत्पादों का परोक्ष प्रचार किया जा सकता है। विज्ञापन की इसी प्रकृति को सरोगेट विज्ञापन कहा जाता है। तुकाराम मुंढे के मुताबिक, तीनों अभिनेताओं ने नोटिस का जवाब दे दिया है और अब सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
सेलिब्रिटीज को मुंढे की चेतावनी
FDA कमिश्नर ने उस दलील पर भी सवाल उठाए जिसमें कलाकार यह कहकर जिम्मेदारी से अलग हो जाते हैं कि वे केवल विज्ञापन का चेहरा हैं। मुंढे के मुताबिक, किसी ब्रांड के साथ जुड़ना केवल व्यावसायिक समझौता नहीं है। इससे यह भी तय होता है कि कोई लोकप्रिय चेहरा जनता के सामने किस उत्पाद को प्रस्तुत कर रहा है। उनका कहना है कि विज्ञापन के जरिए लोगों के खरीदने और इस्तेमाल करने के फैसलों पर असर पड़ सकता है। इसलिए प्रचार करने वाले कलाकारों को भी अपने काम के सामाजिक प्रभाव को समझना चाहिए।
इन्फ्लुएंसर्स पर भी होगी कार्रवाई?
महाराष्ट्र FDA ने केवल बॉलीवुड सितारों तक अपना रुख सीमित नहीं रखा है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और दूसरे विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटीज को भी चेतावनी दी गई है। तुकाराम मुंढे ने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक कानून के तहत भ्रामक या प्रतिबंधित उत्पादों के परोक्ष प्रचार के मामलों में कंपनी के साथ प्रचार करने वाले लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है। इसका मतलब है कि सोशल मीडिया पर किसी उत्पाद का प्रचार करने वाले इन्फ्लुएंसर्स को भी विज्ञापन की प्रकृति और उससे जुड़े नियमों को समझना होगा।
पान मसाला विज्ञापन विवाद में आगे क्या होगा?
शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के जवाब मिलने के बाद अब सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इस दौरान विज्ञापन की प्रकृति, संबंधित उत्पाद और लागू कानूनी प्रावधानों पर विचार किया जाएगा। फिलहाल किसी अभिनेता के खिलाफ अंतिम कार्रवाई या दोष साबित होने की पुष्टि नहीं हुई है।



















