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प्रदेश में बड़े सियासी कद वाले नेताओं को 'एडजस्ट' करने को लेकर भाजपा संगठन के सामने पैदा हुआ धर्मसंकट

वीडी, नरोत्तम, पवैया, भार्गव, भूपेंद्र, पचौरी व भदौरिया जैसे वरिष्ठ नेताओं की अगली भूमिका पर अटकी सबकी नजरें
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प्रदेश में बड़े सियासी कद वाले नेताओं को 'एडजस्ट' करने को लेकर भाजपा संगठन के सामने पैदा हुआ धर्मसंकट

राजीव सोनी

भोपाल। मध्य प्रदेश में सत्ता-संगठन के प्रमुख और पार्टी हाईकमान के सामने सीनियर और बड़े कद के नेताओं को एडजस्ट करने का धर्मसंकट पैदा हो गया है। इनमें ऐसे हाईप्रोफाइल और दिग्गज नेता भी शामिल हैं, जो मौजूदा नेतृत्व से उम्र और अनुभव में सीनियर है। स्थिति यह है कि प्रदेश भाजया अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की टीम में महामंत्री-उपाध्यक्ष पद अथवा निगम-मंडल की ताजपोशी भी इनके सियासी कद के लिहाज से फिट नहीं मानी जा रही। उन्हें इन पदों का आकर्षण भी नहीं है। ऐसे में इनका उपयोग कहां किया जाए, इस पर बड़ी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। मंत्रिमंडल और भाजपा संगठन की राष्ट्रीय टीम में स्थान बहुत सीमित हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष खंडेलवाल ने 2 जुलाई को पार्टी की कमान संभाली थी, अब तक उनकी कार्यकारिणी का गठन नहीं हो सका है। फिलहाल जिला अध्यक्षों की टीम के ऐलान संबंधी रायशुमारी के बाद की प्रक्रिया चल रही है।

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वीडी की भूमिका क्या होगी?

दिग्गज और बड़े सियासी कद के इन नेताओं में प्रमुख नाम वीडी शर्मा का है। उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में लिए जाने या राष्ट्रीय संगठन में स्थान दिए जाने की अटकले चल रही हैं, लेकिन अब तक स्थिति साफ नहीं हुई है।

इन नामों पर भी धर्म-संकट 

पूर्व मंत्री डॉ. नरोतम मिश्रा का नाम भी ऐसे ही वरिष्ठ नेताओं की श्रेणी में है। विधानसभा चुनाव 2023 हारने के बाद उनके सियासी पुनर्वास पर सबकी नजरें है। पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया और गौरीशंकर बिसेन के पास भी विधानसभा चुनाव के बाद से कोई जिम्मेदारी नहीं है। उधर, जयभान सिंह पवैया भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

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नेताओं की लगी आंखें, लंबा हुआ पचौरी का इंतजार  

पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह भी मंत्री पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। पूर्व सांसद केपी यादव और संगठन चुनाव प्रभारी रहे विवेक शेजवलकर भी इसी उम्मीद में बैठे हैं। वरिष्ठ नेताओं की फेहरिस्त में कांग्रेस बैकग्राउंड वाले कई दिग्गज नेता भी हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी वरिष्ठता के हिसाब से अपने पुनर्वास की प्रतीक्षा में है। उनकी उम्र संबंधी वरिष्ठता और सियासी कद भी प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी और निगम और मंडल से ऊंचा माना जा रहा है। 

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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