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स्टे हटा तो फिर बंद होंगी दुकानें? भोपाल सीलिंग मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई, व्यापारियों की धड़कनें तेज

भोपाल में सीलिंग कार्रवाई को लेकर एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। आवासीय इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और दुकानों-प्रतिष्ठानों पर सीलिंग से जुड़े दर्जनों मामलों की आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।
स्टे हटा तो फिर बंद होंगी दुकानें? भोपाल सीलिंग मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई, व्यापारियों की धड़कनें तेज
नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई मामलों पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हेगी अहम सुनवाई

भोपाल। राजधानी में आवासीय इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई से जुड़े मामलों पर आज मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ में अहम सुनवाई होगी। 50 से ज्यादा लंबित याचिकाओं को एक साथ जोड़कर सुनवाई के लिए रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इन मामलों के जल्द निपटारे की प्रक्रिया तेज हुई है। इस सुनवाई पर भोपाल के व्यापारियों के साथ नगर निगम और प्रशासन की भी नजर है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी हलचल

सीलिंग कार्रवाई से जुड़े कई मामले लंबे समय से हाईकोर्ट में लंबित हैं। इन मामलों में व्यापारियों और संपत्ति मालिकों ने नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई थी। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार की ओर से बनाई गई कमेटी को भंग कर दिया था। इसके साथ ही हाईकोर्ट को निर्देश दिया गया था कि सीलिंग से जुड़े मामलों में पहले से लगाए गए स्टे यानी रोक के आदेशों पर जल्द सुनवाई की जाए और मामलों का अंतिम समाधान किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद हाईकोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई को लेकर प्रक्रिया तेज हुई है।

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50 से ज्यादा याचिकाएं एक साथ सुनी जाएंगी

पहले इन मामलों की सुनवाई 2 सितंबर को प्रस्तावित थी। बाद में न्यायिक प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए सीलिंग से जुड़े कई मामलों को एक साथ सूचीबद्ध किया गया। आज की सुनवाई में 50 से ज्यादा विचाराधीन याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी। इनमें ऐसे मामले भी शामिल हैं, जिनमें व्यापारियों और अन्य पक्षों ने नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। नगर निगम भोपाल भी अदालत के सामने अपना पक्ष रखेगा। निगम की ओर से यह बताया जाएगा कि किन परिस्थितियों में सीलिंग की कार्रवाई की गई और किन मामलों में स्टे हटाने की मांग की जा रही है।

हाईकोर्ट का फैसला क्यों है अहम?

इस सुनवाई का सीधा असर भोपाल के कई व्यापारियों और संपत्ति मालिकों पर पड़ सकता है। अगर अदालत पुराने स्टे हटाती है, तो नगर निगम के लिए कुछ मामलों में सीलिंग कार्रवाई दोबारा शुरू करने का रास्ता खुल सकता है। खास तौर पर आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ निगम की कार्रवाई को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। कई लोगों का कहना है कि वे वर्षों से इन स्थानों पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि निगम का तर्क है कि आवासीय क्षेत्रों में नियमों के खिलाफ व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई जरूरी है।

सुनवाई में नगर निगम रखेगा अपना पक्ष

नगर निगम ने कई मामलों में स्टे हटाने के लिए आवेदन और लिखित जवाब अदालत में जमा किए हैं। निगम चाहता है कि जिन मामलों में नियमों का उल्लंघन पाया गया है, उनमें कार्रवाई की अनुमति दी जाए। जानकारी के अनुसार, कुछ मामले अधिभोग यानी संपत्ति के स्वीकृत उपयोग से जुड़े नियमों के उल्लंघन से संबंधित हैं। इन मामलों में अदालत का फैसला आने के बाद अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के कुछ हिस्सों में भी निगम की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला अदालत के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।

पहले 144 मामलों की सूची बनी थी

5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद नगर निगम ने स्टे हटाने की मांग वाले मामलों की सूची तैयार करना शुरू किया था। शुरुआत में निगम ने ऐसे 144 मामलों की सूची तैयार की थी। बाद में जांच और छंटनी के बाद यह संख्या घटकर 125 हुई और फिर 107 मामलों तक पहुंची। इन सभी मामलों में निगम की ओर से यह प्रयास किया जा रहा है कि अदालत के सामने संबंधित दस्तावेज और अपना पक्ष रखा जाए।

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स्टे हटने के बाद क्या होगा?

अगर हाईकोर्ट किसी मामले में स्टे हटाता है, तो संबंधित संपत्ति पर नगर निगम की कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकती है। हालांकि, कार्रवाई सीधे शुरू होगी या उससे पहले संबंधित संपत्ति मालिक को कोई अतिरिक्त अवसर दिया जाएगा, यह अदालत के आदेश और प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई से पहले संबंधित संपत्ति मालिकों को 24 घंटे का अंतिम अवसर दिया जा सकता है। इस दौरान उन्हें नियमों का पालन करने या आवश्यक कदम उठाने का मौका मिल सकता है।

अदालत के फैसले पर व्यापारियों की नजर

सीलिंग कार्रवाई को लेकर भोपाल के व्यापारियों में पहले से ही चिंता बनी हुई है। कई व्यापारी संगठनों की नजर इस सुनवाई पर है, क्योंकि अदालत का रुख आगे की कार्रवाई की दिशा तय कर सकता है। वहीं नगर निगम के लिए भी यह सुनवाई महत्वपूर्ण है। यदि स्टे हटते हैं, तो नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों पर कार्रवाई तेज हो सकती है।

फिलहाल सभी की नजर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ पर है। आज की सुनवाई में अदालत सीलिंग से जुड़े लंबित मामलों में क्या रुख अपनाती है, इससे भोपाल में आगे की कार्रवाई की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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