दिल्ली के सत्य निकेतन में मौत का मंजर, 7 की मौत; मालिक की तलाश में 10 पुलिस टीमें, कई छात्र अब भी मलबे में

नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए इमारत हादसे ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। मलबे में अब भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिनमें छात्र भी शामिल हैं। मौके पर NDRF, CATS एंबुलेंस और प्रशासन की कई टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि इमारत के नीचे एक बुजुर्ग व्यक्ति अपनी छोटी-सी स्टॉल लगाए बैठे थे। अचानक ऊपर से मलबा और धूल गिरने लगी। खतरा भांपकर बुजुर्ग वहां से तेजी से भागते हैं। इसके कुछ ही सेकेंड बाद पूरी इमारत भरभराकर गिर जाती है और चारों तरफ धूल का गुबार छा जाता है।
हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत
मोती बाग स्थित सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में मौत का आंकड़ा बढ़कर 7 हो गया है। वहीं, 11 लोगों को अब तक सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। AIIMS की ओर से जारी बयान में बताया गया कि JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में सत्य निकेतन हादसे में घायल 10 मरीज लाए गए थे। इनमें 5 को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि गंभीर हालत वाले एक मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीन मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। एक मरीज के हाथ-पैर की सर्जरी हुई है, जबकि मामूली चोट वाले एक मरीज को ऑब्जर्वेशन के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। एडिशनल डीसीपी अभिमन्यु पोसवाल ने बताया कि 6 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे PCR कॉल के जरिए इमारत गिरने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कुछ छात्रों को बाहर निकाला और अस्पताल भेजा। बाद में जांच और रेस्क्यू के दौरान पता चला कि मलबे के नीचे और भी छात्र दबे हुए हैं।
रेनोवेशन के दौरान पिलर और दीवारों से छेड़छाड़ का आरोप
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, हादसे के समय इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था। आरोप है कि बिना सुरक्षा मानकों का ध्यान रखे पिलर और दीवारों से छेड़छाड़ की जा रही थी। इससे इमारत का ढांचा कमजोर हो गया और वह अचानक ढह गई। इस मामले में दिल्ली पुलिस के साउथ कैंपस थाने में इमारत के मालिक हरिराम बंसल और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, धारा 290 और धारा 125(a) के तहत मामला दर्ज किया गया है। हरिराम बंसल के खिलाफ लुक आउट नोटिस भी जारी किया गया है। पुलिस के पास उसकी पासपोर्ट डिटेल्स भी मौजूद हैं।
हरिराम की तलाश में 10 टीमें, दिल्ली-NCR से यूपी तक छापेमारी
हादसे के बाद पुलिस फरार इमारत मालिक हरिराम बंसल की तलाश में जुटी है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए 10 अलग-अलग टीमें बनाई हैं। इनमें लोकल पुलिस, स्पेशल स्टाफ और ऑपरेशन यूनिट के पुलिसकर्मी शामिल हैं। इन टीमों की निगरानी जिले के एडिशनल DCP रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। पुलिस दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई जगह छापेमारी कर रही है। गुरुग्राम समेत दिल्ली-NCR के कई ठिकानों पर दबिश दी गई है। पुलिस हरिराम के रिश्तेदारों और करीबियों के ठिकानों पर भी तलाश कर रही है। पुलिस को शक है कि आरोपी किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपा हुआ है।
आसपास की इमारतों पर भी उठे सवाल
सत्य निकेतन हादसे के बाद आसपास के हॉस्टलों और इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे वाली जगह से करीब 70-80 मीटर दूर 'Hostel Daze' कंपनी द्वारा संचालित एक अन्य हॉस्टल में महज 2 फीट चौड़ा रास्ता होने और बाहर निकलने के गेट को लोहे से बंद रखने की बात सामने आई है। बाहर बिजली के तारों का जाल भी लटका हुआ है। वहीं, करीब 100 मीटर दूर इसी कंपनी का एक और 5 मंजिला हॉस्टल है, जहां प्रवेश द्वार के पास नंगे और उलझे हुए बिजली के तार नजर आए। बताया गया है कि इलाके में केवल 3 मंजिल तक की अनुमति है, इसके बावजूद 4 से 5 मंजिला इमारतों में छात्रों को रखा जा रहा है।
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MCD ने बगल की इमारत खाली कराने का दिया आदेश
हादसे के बाद MCD ने ढही हुई इमारत के ठीक बगल वाली बिल्डिंग को खाली कराने का नोटिस जारी किया है। DMC Act 1957 की धारा 348 के तहत मकान नंबर 13 को खतरनाक और जर्जर बताया गया है। नोटिस में मालिक और निवासियों को 3 दिनों के भीतर इमारत खाली कर उसे ध्वस्त करने का आदेश दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर MCD खुद कार्रवाई करेगा और खर्च मालिक से वसूला जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल और AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया और घायलों के बेहतर और मुफ्त इलाज के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आसपास की खराब इमारतों को भी गिराया जाएगा। वहीं, ABVP ने MCD कमिश्नर के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। ABVP की नेशनल सोशल मीडिया कन्वीनर प्रेरणा भारद्वाज ने कहा कि जब तक आखिरी छात्र को बचाया नहीं जाता, तब तक वे वहां से नहीं उठेंगे। संगठन ने कैंपस में छात्रों की सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।




















