भोपाल:आवासीय इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों पर फिलहाल राहत, रहवासी जाएंगे सुप्रीम कोर्ट; कांग्रेस ने उठाया मास्टर प्लान का मुद्दा

भोपाल के अरेरा कॉलोनी, बावड़ियाकलां, रोहित नगर समेत कई आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई है। राज्य सरकार ने व्यापारियों को अस्थायी राहत देने का फैसला लिया है, लेकिन इस निर्णय का रहवासियों ने विरोध किया है। रहवासियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद कार्रवाई रोकना उचित नहीं है और वे 4 अगस्त को होने वाली सुनवाई में अदालत के सामने अपना पक्ष रखेंगे।
रहवासियों का दावा- अवैध व्यवसायिक गतिविधियां बंद होनी चाहिए
अरेरा कॉलोनी निवासी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नगर निगम ने अवैध रूप से संचालित दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील करने के लिए नोटिस जारी किए थे लेकिन अब उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। रहवासियों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही व्यवसायिक गतिविधियों से ट्रैफिक, पार्किंग और प्रदूषण जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं इसलिए न्यायालय के आदेशों का पालन होना चाहिए।
कांग्रेस विधायक बोले- व्यापारियों की क्या गलती
भोपाल उत्तर से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से भोपाल का नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ, जिसके कारण शहर में पर्याप्त व्यावसायिक क्षेत्र विकसित नहीं किए जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द नया मास्टर प्लान लागू करे साथ ही व्यापारियों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के परेशान करना उचित नहीं है।
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मुख्यमंत्री की बैठक में बना उच्च स्तरीय समिति का फैसला
रविवार देर शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास पर इस पूरे मामले को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पूरे मामले की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए, जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति की रिपोर्ट आने तक व्यापारियों को घबराने की जरूरत नहीं है।
समिति में शामिल होंगे ये अधिकारी
समिति में शामिल प्रमुख अधिकारी:
- अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग (अध्यक्ष)
- सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग
- सचिव, श्रम विभाग
- आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास
- महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक
- सदस्य सचिव, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल
- उप सचिव, पर्यावरण विभाग
- आयुक्त, नगर तथा ग्राम निवेश
- भोपाल कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त (विशेष आमंत्रित सदस्य)
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रविवार को रहवासी उतरे थे सड़क पर
मुख्यमंत्री की बैठक से पहले रविवार को अरेरा कॉलोनी, बावड़ियाकलां, रोहित नगर सहित कई क्षेत्रों के रहवासी सड़कों पर उतरे थे। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के नेतृत्व में पैदल मार्च निकालकर लोगों ने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों और नगर निगम की कार्रवाई को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया था। अब इस पूरे मामले की अगली दिशा सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और राज्य सरकार द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।












