भोपाल में BMC बड़ा एक्शन!अरेरा कॉलोनी में कैफे-रेस्टोरेंट समेत कई दुकानें बंद, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती का असर

भोपाल की अरेरा कॉलोनी में रिहायशी इलाकों में चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम ने बड़ा अभियान शुरू किया है। शनिवार को निगम की टीम ने कई दुकानों, कैफे, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कराया। यह कार्रवाई उन प्रतिष्ठानों पर की गई, जिन्हें पहले कई बार नोटिस दिए जा चुके थे, लेकिन उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और भूमि उपयोग (लैंड यूज) नियमों के अनुसार की जा रही है।
40 से ज्यादा दुकानों पर हुई कार्रवाई
नगर निगम ने अरेरा कॉलोनी के E-2, E-3 और E-4 सेक्टर में अभियान चलाकर 40 से अधिक दुकानों को बंद कराया। इनमें कई ऐसे प्रतिष्ठान भी शामिल थे, जो लंबे समय से रिहायशी प्लॉट पर व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकानों पर नोटिस चस्पा किए और कई जगह प्रतिष्ठानों को तत्काल बंद कराया। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह कार्रवाई और तेज होगी।
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बड़े ब्रांडों के शोरूम पर भी कार्रवाई
नगर निगम की कार्रवाई सिर्फ छोटी दुकानों तक सीमित नहीं रही। अरेरा कॉलोनी में कई बड़े ब्रांडों के शोरूम और व्यावसायिक इमारतें भी कार्रवाई की जद में आईं। जैसे ही निगम की टीम मौके पर पहुंची, कई प्रतिष्ठानों के संचालकों में हड़कंप मच गया। कुछ जगहों पर दुकानदारों ने अपने ब्रांड के बोर्ड और नाम तिरपाल से ढंक दिए, ताकि उनकी पहचान सार्वजनिक न हो।
रहवासी बोले- कोर्ट के दबाव में जागा प्रशासन
अरेरा कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि वे कई वर्षों से रिहायशी इलाकों में चल रही दुकानों, कैफे और रेस्टोरेंट का विरोध कर रहे हैं। कई बार शिकायतें करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
रहवासियों का आरोप है कि यदि मामला सुप्रीम कोर्ट तक नहीं पहुंचता, तो प्रशासन अब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाता। उनका कहना है कि अभी भी कुछ लोग राजनीतिक दबाव बनाकर बंद हुई दुकानों को दोबारा खुलवाने की कोशिश कर रहे हैं।
4 अगस्त की सुनवाई से पहले बढ़ी हलचल
अरेरा कॉलोनी से जुड़े मामले की सुप्रीम कोर्ट में 4 अगस्त को सुनवाई होनी है। इससे पहले नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है।
1,000 से ज्यादा नोटिस किए गए जारी
भोपाल नगर निगम ने अरेरा कॉलोनी, 10 नंबर मार्केट और अन्य रिहायशी इलाकों में आवासीय भूखंडों पर चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाया है।अधिकारियों के अनुसार, अब तक 1,000 से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, हॉस्टल और दुकानों को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
रचना नगर और गौतम नगर तक पहुंचा विरोध
अरेरा कॉलोनी से शुरू हुआ यह विरोध अब शहर के अन्य इलाकों तक भी पहुंच गया है। रचना नगर और गौतम नगर के रहवासी भी अपने क्षेत्रों में रिहायशी प्लॉट पर चल रहे व्यवसायों का विरोध कर रहे हैं। कुछ दिन पहले इन इलाकों में नागरिकों ने होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल और दुकानों के खिलाफ पोस्टर और बैनर लगाए थे। उनका कहना है कि रिहायशी क्षेत्रों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों से ट्रैफिक, पार्किंग और सुरक्षा जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।
रैली निकालने की भी तैयारी
रचना नगर और गौतम नगर के नागरिकों ने अपनी मांगों को लेकर रैली निकालने का भी फैसला किया है। रहवासियों का कहना है कि सरकार द्वारा भूमि उपयोग नियमों में किए गए बदलावों से रिहायशी इलाकों की शांति प्रभावित हुई है। इसलिए वे चाहते हैं कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और अवैध व्यवसायों पर कार्रवाई हो।
पहले सिर्फ नोटिस, अब शुरू हुई सीलिंग कार्रवाई
रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम पिछले डेढ़ महीने से केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता निभा रहा था। अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई नजदीक आने के बाद कार्रवाई तेज कर दी गई है। कई जगह दुकानों को बंद कराया गया है और आगे भी सीलिंग अभियान जारी रहने की संभावना है।
नगर निगम का क्या कहना है?
नगर निगम का कहना है कि सभी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और लागू नियमों के तहत की जा रही है। जिन प्रतिष्ठानों में आवासीय भूमि का व्यावसायिक उपयोग पाया जा रहा है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य शहर में भूमि उपयोग नियमों का पालन सुनिश्चित करना और रिहायशी इलाकों की मूल पहचान बनाए रखना है।
अभी जारी रहेगा अभियान
नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भोपाल के अन्य रिहायशी इलाकों में भी इसी तरह की जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।











