Garima Vishwakarma
26 Jan 2026
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26 Jan 2026
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26 Jan 2026
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26 Jan 2026
भोपाल। राजधानी भोपाल में दोपहिया वाहन चालकों के लिए आज से एक सख्त नियम लागू हो गया है। अब से बिना हेलमेट पहने किसी भी टूव्हीलर चालक को पेट्रोल या सीएनजी नहीं दी जाएगी। यह आदेश भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को जारी किया था, जो 1 अगस्त से लागू होकर आगामी 29 सितंबर 2025 तक प्रभावी रहेगा। पहले दिन प्रशासनिक स्तर पर लोगों को जागरूक किया जाएगा, जिसके तहत समझाइश दी जाएगी, लेकिन बाद में इसका उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में कुल 192 पेट्रोल पंप हैं, जहां हर दिन करीब 21 लाख लीटर पेट्रोल और डीजल की खपत होती है। इनमें से आधे से ज्यादा उपयोगकर्ता पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं और अधिकांश दोपहिया वाहन चालक हैं। अब इन सभी पंपों पर बिना आईएसआई मार्क हेलमेट पहने पेट्रोल या गैस नहीं दी जाएगी। जिला प्रशासन की निगरानी में यह नियम लागू कराया जाएगा।
कलेक्टर सिंह के आदेश के अनुसार, मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 129 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठने वाला व्यक्ति हेलमेट पहनना अनिवार्य है। यह नियम न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि आए दिन होने वाले हादसों में जानमाल की क्षति को भी कम करेगा। प्रशासन का कहना है कि हेलमेट पहनने से मौत की संभावना 60% तक घट जाती है।
हालांकि यह आदेश सभी पर लागू है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट दी जाएगी। जैसे – मेडिकल इमरजेंसी, आकस्मिक हालात या अन्य कोई विशेष कारण, जिसमें हेलमेट पहनना संभव नहीं हो। लेकिन यह छूट सीमित और विशिष्ट स्थितियों में ही मान्य होगी।
यह आदेश सिर्फ टूव्हीलर चालकों के लिए नहीं, बल्कि पेट्रोल पंप संचालकों के लिए भी बाध्यकारी है। यदि कोई संचालक नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि नियम का पालन कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन पुलिस को भी सड़क पर बिना हेलमेट चलने वालों के खिलाफ सख्ती दिखानी चाहिए।
प्रशासन ने बताया है कि अभियान की शुरुआत पहले जागरूकता और समझाइश से होगी। पहले दिन यानी 1 अगस्त को पंपों पर समझाइश दी जाएगी और बिना हेलमेट वालों को लौटाया जाएगा। लेकिन कुछ दिनों के भीतर नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया जाएगा।
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