Garima Vishwakarma
26 Jan 2026
Garima Vishwakarma
26 Jan 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में सर्दी ने एक बार फिर पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। सोमवार को भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन समेत 20 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा देखने को मिला। रीवा में स्थिति इतनी गंभीर रही कि 50 मीटर के बाद कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। ठंडी हवाओं और कमजोर धूप के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित रहा।
रविवार को कई शहरों में दिनभर धूप नहीं खिली और तापमान 22 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, गुना समेत करीब 15 शहरों में कोल्ड-डे जैसी स्थिति बनी रही। सोमवार को भोपाल में सुबह 8 बजे के बाद ही धूप निकल सकी।
रात की सर्दी ने बढ़ाई कंपकंपी
रविवार-सोमवार की रात में ठंड और तेज हो गई। राजगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दतिया और शिवपुरी में 8 डिग्री, पचमढ़ी में 8.2 डिग्री, नौगांव में 8.6 डिग्री और श्योपुर में 9.4 डिग्री तापमान रहा।
बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 11.2 डिग्री, इंदौर में 12.2 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और जबलपुर में 13.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।
दिन के तापमान में भी भारी गिरावट
दिन के समय भी ठंड का असर साफ दिखाई दिया। कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री कम दर्ज किया गया।
प्रमुख शहरों का दिन-रात का तापमान (°C)
|
शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
|
गुना |
19.1 |
10.6 |
|
नौगांव |
20.0 |
8.6 |
|
दतिया |
20.1 |
8.0 |
|
श्योपुर |
20.6 |
9.4 |
|
टीकमगढ़ |
20.7 |
10.4 |
|
भोपाल |
21.0 |
11.2 |
|
इंदौर |
21.8 |
12.2 |
|
उज्जैन |
22.5 |
12.0 |
|
ग्वालियर |
22.3 |
7.8 |
|
जबलपुर |
23.5 |
13.6 |
|
मंडला |
29.3 |
10.4 |
27-28 जनवरी को मावठा, बारिश से बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, हिमालय क्षेत्र में एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbance) मौजूद है। इसके साथ ट्रफ जुड़ी हुई है और मध्य प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है। इन्हीं सिस्टम्स की वजह से प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।
बारिश (मावठा) की संभावना
27 जनवरी: भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम।
28 जनवरी: जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, कटनी, दमोह, सागर, नरसिंहपुर, विदिशा, रायसेन।
बारिश के बाद रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है, जिससे ठंड और तेज हो सकती है।
क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस
मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके सक्रिय होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश होती है। सिस्टम के गुजरने के बाद उत्तर से आने वाली हवाएं और ज्यादा ठंडी हो जाती हैं, जिससे दिन और रात दोनों समय ठंड बढ़ जाती है।
जनवरी में क्यों ज्यादा पड़ती है ठंड
जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे अहम महीने होते हैं, उसी तरह ठंड के लिए दिसंबर और जनवरी सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इन महीनों में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं मध्य प्रदेश में तापमान को तेजी से गिराती हैं। पिछले 10 वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि, जनवरी के आखिरी सप्ताह में अक्सर मावठा और ठंड का संयुक्त असर देखने को मिलता है।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और शाम के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। कोहरे, ठंडी हवाओं और संभावित बारिश को देखते हुए गर्म कपड़े पहनने, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने और देर रात खुले क्षेत्रों में निकलने से बचने की अपील की गई है।