Hemant Nagle
4 Feb 2026
Garima Vishwakarma
4 Feb 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। शुक्रवार को भाजपा सांसद आलोक शर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से मुलाकात कर इस संबंध में पत्र सौंपा। सांसद ने कहा कि भोपाल के नागरिकों को न्यायिक प्रकरणों के लिए जबलपुर हाईकोर्ट जाना पड़ता है, जिससे उन्हें समय, पैसा और संसाधनों की भारी बर्बादी झेलनी पड़ती है।
सांसद शर्मा ने कहा कि भोपाल में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने को लेकर लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। देश के अधिकांश राज्यों की राजधानियों में हाईकोर्ट की मुख्य पीठ या उसकी बेंच मौजूद है, लेकिन भोपाल की जनता को अब तक इस सुविधा से वंचित रहना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सस्ता और सुलभ न्याय दिलाना सरकार का संकल्प है और इसे पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं।
सांसद आलोक शर्मा ने केंद्रीय कानून मंत्री को यह सुझाव भी दिया कि यदि भोपाल में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने में कोई अड़चन है तो भोपाल जिले का न्यायिक क्षेत्राधिकार इंदौर खंडपीठ से जोड़ दिया जाए। इंदौर की दूरी जबलपुर से कम है और यहां तक अधिकारी व आमजन सुबह जाकर शाम तक घर लौट सकते हैं। इससे न केवल जनता का समय और पैसा बचेगा, बल्कि सरकारी खजाने पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ भी घटेगा।

भोपाल में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग वकील और बार एसोसिएशन लंबे समय से करते आ रहे हैं। फिलहाल भोपाल का न्यायिक क्षेत्र जबलपुर खंडपीठ में आता है। वकीलों का कहना है कि मामलों की पैरवी के लिए बार-बार जबलपुर जाना उन्हें कठिनाई और अतिरिक्त खर्च में डालता है। यदि क्षेत्राधिकार इंदौर से जुड़ता है तो आमजन और वकीलों दोनों को बड़ी राहत मिलेगी।
सांसद शर्मा ने कहा कि भोपाल जिले को इंदौर खंडपीठ से जोड़ने पर जनता का समय और धन दोनों की बचत होगी। साथ ही न्यायिक प्रक्रिया तेज और सरल हो जाएगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इस मांग पर गंभीरता से विचार कर निर्णय लिया जाए ताकि भोपाल की जनता को सस्ता और सुलभ न्याय मिल सके।