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अतिथि शिक्षकों का दर्द, बोले- लाखों डॉक्टर-इंजीनियर बनाए, आज हम ही फटेहाल

भोपाल के नीलम पार्क में रविवार को अतिथि शिक्षकों का आंदोलन एक अलग अंदाज में नजर आया। पिछले पांच दिनों से धरने पर बैठे शिक्षकों ने गिटार की धुन पर गाना गाकर अपनी नौकरी की अनिश्चितता और मांगों को सामने रखा। नियमितीकरण और फॉलन आउट प्रक्रिया बंद करने की मांग को लेकर शिक्षक अब भी धरने पर डटे हुए हैं।
अतिथि शिक्षकों का दर्द, बोले- लाखों डॉक्टर-इंजीनियर बनाए, आज हम ही फटेहाल
अतिथि शिक्षकों का दर्द

भोपाल। अतिथि शिक्षकों ने गाने के जरिए कहा कि उन्होंने लाखों डॉक्टर और इंजीनियर तैयार किए, लेकिन आज खुद आर्थिक परेशानी से गुजर रहे हैं। उच्च शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर से हटाए जाने के बाद शिक्षक नीलम पार्क में धरना दे रहे हैं। रविवार को उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा ने धरना स्थल पहुंचकर शिक्षकों से मुलाकात की। शिक्षकों का कहना है कि कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक नियमितीकरण और स्थायित्व को लेकर ठोस नीति नहीं बनी है।

गिटार की धुन पर शिक्षकों ने सुनाई पीड़ा

रविवार को भोपाल के नीलम पार्क में अतिथि शिक्षकों ने गिटार की धुन पर अपनी स्थिति बयां करते हुए गीत गाया। गीत के जरिए उन्होंने कहा कि वे अतिथि शिक्षक हैं और कुछ दिनों के मेहमान बनकर रह गए हैं। शिक्षकों ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक विद्यार्थियों को पढ़ाया और डॉक्टर, इंजीनियर सहित कई पेशेवर तैयार किए, लेकिन आज खुद नौकरी की अनिश्चितता और आर्थिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। गीत के जरिए नियमितीकरण और स्थायित्व की मांग भी सामने रखी गई।

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पांच दिन से नीलम पार्क में दे रहे धरना

अतिथि शिक्षक पिछले पांच दिनों से नीलम पार्क में धरने पर बैठे हैं। इससे पहले मंगलवार को सैकड़ों शिक्षक उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के बंगले के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे। उनकी प्रमुख मांग नियमितीकरण और स्थायित्व के लिए नीति बनाने की समय-सीमा तय करना और फॉलन आउट प्रक्रिया को बंद करना है। मंत्री के बंगले के बाहर से पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद शिक्षकों को नीलम पार्क भेज दिया गया था।

मंत्री से बातचीत रही बेनतीजा

अतिथि शिक्षकों के आंदोलन के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने चार प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए बुलाया था। प्रतिनिधियों ने नियमितीकरण और फॉलन आउट प्रक्रिया से जुड़ी मांगें मंत्री के सामने रखीं, लेकिन बातचीत से कोई समाधान नहीं निकला। शिक्षकों के मुताबिक, मंत्री ने फॉलन आउट प्रक्रिया बंद करने से इनकार कर दिया। इसके बाद बंगले के बाहर मौजूद शिक्षकों को पुलिस ने वहां से हटाकर नीलम पार्क पहुंचाया।

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पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज के काफिले को भी रोका था

बुधवार सुबह करीब 200 अतिथि शिक्षकों ने वहां से गुजर रहे केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला रोक लिया था। शिक्षकों और महिलाओं ने उन्हें 11 सितंबर 2023 की महापंचायत में दिए गए आश्वासन की याद दिलाई थी। उनका कहना था कि उस दौरान फॉलन आउट नहीं होने देने की बात कही गई थी। शिक्षकों ने खुले में रात गुजारने और पानी तक नहीं मिलने की परेशानी भी बताई थी।

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आश्वासन के बाद भी नीति का इंतजार

अतिथि शिक्षकों का कहना है कि 10 जुलाई 2026 को रविंद्र भवन में हुए सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री ने हरियाणा मॉडल से बेहतर नीति बनाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद 28 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर उज्जैन पहुंची अतिथि शिक्षकों की बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी भी बांधी थी। शिक्षकों के मुताबिक, उस दौरान भी प्रक्रिया रोकने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक नियमितीकरण और स्थायित्व को लेकर कोई ठोस नीति सामने नहीं आई है।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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