पूर्व IPS अधिकारी पर FIR के बाद सिंधिया पर भडक़ीं पूर्व विधायक ममता मीना, कहा-दो-चार केस और करा दो, डरेंगे नहीं

गुना। पूर्व आईपीएस अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद गुना और मध्य प्रदेश की राजनीति में जबरदस्त सियासी भूचाल आ गया है। इस कार्रवाई से नाराज उनकी पत्नी चांचौड़ा की पूर्व भाजपा विधायक एवं वर्तमान आम आदमी पार्टी नेता ममता मीना ने केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर केंद्रीय मंत्री पर आरोप लगाया कि वे अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर उनके परिवार को डराने और धमकाने के लिए दुर्भावनापूर्ण एफआईआर करवा रहे हैं।
कोर्ट-कचहरी में कानून की लड़ाई लड़ेंगे
सिंधिया पर तीखे राजनीतिक प्रहार करते हुए ममता मीना ने कहा, उनके पति और उन पर एक नहीं, बल्कि दो-चार और एफआईआर करवा दी जाएं, वे कोर्ट-कचहरी में कानून की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन दिवसीय दौरे के दौरान सिंधिया ने गुना जिले की जनता और मतदाताओं को धमकाने का काम किया है। एक सडक़ के काम के लिए जनप्रतिनिधि और जनता से हाथ जुड़वाना और रौब झाडऩा अब नहीं चलेगा।
चुनाव में वोट के लिए नाटक-नौटंकी करते हैं सिंधिया
पूर्व विधायक ममता मीना ने कहा कि चुनाव के समय गरीबों के घर खाना खाना और हैंडपंप चलाना महज नाटक-नौटंकी है। उन्होंने कहा, यदि आप खुद को भगवान कहते हैं तो हमारे क्षेत्र के किसानों को खाद क्यों नहीं दिलवाते? उन्होंने मंच से प्रशासनिक अधिकारियों, कलेक्टर और एसपी को धमकाने का आरोप भी लगाया और मुख्यमंत्री से अपील की कि उन्हें सिंधिया के इतने राजनीतिक दबाव में काम नहीं करना चाहिए।
लोकसभा चुनाव दूर नहीं, जनता सब देख रही है
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि 2029 का लोकसभा चुनाव दूर नहीं है, जनता सब देख रही है और वक्त आने पर आईना दिखा देगी। ममता मीना डरने वाली नहीं है, हम कोई वॉशिंग मशीन नहीं हैं। अब मैं ग्वालियर, पोहरी, शिवपुरी सहित पूरे अंचल में जाऊंगी और जनता के बीच इनकी असलियत उजागर करूंगी।
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क्या है पूरा मामला?
उल्लेखनीय है कि पुलिस मुख्यालय भोपाल की सतर्कता शाखा के निर्देश पर पूर्व आईपीएस अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ कूटरचित दस्तावेजों के जरिए फर्जी एसटी (अनुसूचित जनजाति) प्रमाण पत्र बनवाने और धोखाधड़ी करने का आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। गुना निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी की शिकायत पर उच्च स्तरीय छानबीन समिति द्वारा की गई जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि पुलिस सेवा में आने से पहले रघुवीर सिंह मीना ने शासकीय शिक्षक की नौकरी पाने के लिए स्वयं को पिछड़ा वर्ग का बताया था। इसके बाद एमपीपीएससी की परीक्षा में लाभ लेने के लिए उन्होंने विदिशा से जारी फर्जी एसटी प्रमाण पत्र का उपयोग कर 1986 में डीएसपी की नौकरी प्राप्त की, जिसके आधार पर 2001 में उन्हें आईपीएस कैडर अवॉर्ड हुआ। पुलिस ने धोखाधड़ी, साजिश, गलत दस्तावेज तैयार करने और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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