भोपाल में आयकर का बड़ा एक्शन:माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर छापा

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 11 मार्च की सुबह आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई से हलचल मच गई। आयकर विभाग की एक विशेष टीम ने शहर के जाने-माने माइनिंग कारोबारी दिलीप गुप्ता के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। बताया जा रहा है कि यह टीम दिल्ली से भोपाल पहुंची है और सुबह तड़के ही कार्रवाई शुरू कर दी।
जानकारी के मुताबिक छापेमारी के दौरान अंदर मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं और किसी को भी बाहर आने की अनुमति नहीं दी जा रही है। आयकर विभाग की टीम वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इससे पहले बैंक करप्शन से जुड़े एक मामले में भी दिलीप गुप्ता का नाम सामने आया था।
सुबह-सुबह पहुंची आयकर विभाग की टीम
सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग के अधिकारी बुधवार सुबह बहुत जल्दी ही दिलीप गुप्ता के भोपाल स्थित घर और कार्यालयों पर पहुंच गए थे। टीम ने एक साथ कई जगहों पर छापा मारा, जिससे पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई।
बताया जा रहा है कि टीम में बड़ी संख्या में अधिकारी और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। उन्होंने कारोबारी के घर और दफ्तर को चारों तरफ से घेरकर अंदर प्रवेश किया और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी।
यह पहली बार नहीं है जब दिलीप गुप्ता जांच एजेंसियों के रडार पर आए हैं। इससे पहले आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भी उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस समय की कार्रवाई में करोड़ों की नकदी, महत्वपूर्ण फाइलें और बेनामी संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज बरामद हुए थे।
गहराई से की जा रही जांच
आयकर विभाग की टीम फिलहाल कारोबारी से जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों द्वारा बैंक खातों, निवेश से जुड़े दस्तावेजों और संपत्ति के कागजात को बारीकी से देखा जा रहा है।
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नवंबर की कार्रवाई में क्या मिला?
ईओडब्ल्यू की टीम ने नवंबर 2025 में दोनों ठिकानों से ये सामग्री जब्त की-
- नकद: 21.18 लाख
- जिंदा कारतूस: 44
- रजिस्ट्री और एग्रीमेंट दस्तावेज: 60 से अधिक
- कंपनी फाइलें: 50+ कंपनियों के निवेश, लेन-देन और शेयर आवंटन से जुड़े रिकॉर्ड
- डिजिटल सामग्री: 5 हार्ड डिस्क और 15 अलग-अलग नामों के पैन कार्ड, जिनमें डिजिटल अकाउंट डेटा और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज होने की आशंका थी।
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