भोपाल अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा सस्पेंड! महिला से अवैध संबंध के आरोप, कॉन्स्टेबल नंदकिशोर पर भी गिरी गाज

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस विभाग ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। अरेरा हिल्स थाना प्रभारी (TI) सुनील शर्मा और थाने में पदस्थ आरक्षक नंदकिशोर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों पर गंभीर आरोप लगने के बाद यह कार्रवाई की गई है। पुलिस विभाग ने मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि एक युवक ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने उसकी पत्नी के साथ अनैतिक संबंध बनाए और अपने पद का गलत इस्तेमाल किया। युवक ने अपने आरोपों के समर्थन में कुछ दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी पुलिस को सौंपे थे।
पति की शिकायत के बाद हरकत में आया पुलिस विभाग
जानकारी के मुताबिक, युवक ने लिखित शिकायत देकर पुलिस कमिश्नर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शिकायत में कहा गया था कि थाना प्रभारी अपनी सरकारी ताकत और पद का इस्तेमाल कर उसकी पत्नी के संपर्क में थे और इससे उसका परिवार प्रभावित हुआ। युवक ने दावा किया कि उसके पास अपने आरोपों से जुड़े कुछ सबूत भी हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और प्रारंभिक जांच शुरू कराई।
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शुरुआती जांच में संदिग्ध मिली भूमिका
पुलिस की प्रारंभिक जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की गई। जांच में थाना प्रभारी सुनील शर्मा की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई। इसके बाद पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। हालांकि, यह कार्रवाई शुरुआती जांच के आधार पर की गई है। अंतिम फैसला विभागीय जांच पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
आरक्षक नंदकिशोर पर भी लगे गंभीर आरोप
इस मामले में सिर्फ थाना प्रभारी ही नहीं, बल्कि आरक्षक नंदकिशोर की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई। आरोप है कि उन्हें पूरे मामले की जानकारी थी और उन्होंने भी महिला पर दबाव बनाने में सहयोग किया। जांच में उनकी भूमिका भी संदिग्ध पाए जाने के बाद पुलिस विभाग ने उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभाग का कहना है कि दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच की जाएगी।
विभागीय जांच के दिए गए आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने थाना प्रभारी सुनील शर्मा के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि क्या पुलिस आचरण नियमों का उल्लंघन हुआ, क्या पद का दुरुपयोग किया गया और शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय और कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
DCP विकास सेहवाल ने क्या कहा?
DCP विकास सेहवाल के अनुसार, महिला के पति की शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच के दौरान थाना प्रभारी और आरक्षक दोनों की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई। उन्होंने बताया कि इसी आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। साथ ही मामले की विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
सबूतों के आधार पर हुई शुरुआती कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में कुछ साक्ष्य भी उपलब्ध कराए थे। इन्हीं दस्तावेजों और प्रारंभिक जांच के आधार पर यह फैसला लिया गया। फिलहाल पुलिस विभाग सभी तथ्यों की जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि आरोप कितने सही हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट के बाद होगा अगला फैसला
फिलहाल दोनों पुलिसकर्मी निलंबित हैं और विभागीय जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर यह तय होगा कि उनके खिलाफ सिर्फ विभागीय कार्रवाई होगी या फिर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस विभाग का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।











