PlayBreaking News

MP Weather Update:मध्य प्रदेश में फिर मेहरबान हुआ मानसून, 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन बरसेंगे बादल

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, सागर, उज्जैन समेत 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानिए अगले 4 दिनों का मौसम अपडेट।
Follow on Google News
मध्य प्रदेश में फिर मेहरबान हुआ मानसून, 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन बरसेंगे बादल

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले करीब 36 घंटों से प्रदेश के 35 से ज्यादा जिलों में लगातार बारिश हो रही है। तेज बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि नदियों और तालाबों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिक का कहना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने बुधवार के लिए 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है।

इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

इनके अलावा श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार और बड़वानी में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में तेज बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो सकती हैं और निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बना रहेगा।

ये भी पढ़ें: CG NEWS: छत्तीसगढ़ में फिर बारिश का बड़ा अलर्ट: अगले 5 दिन झमाझम बारिश, कई जिलों में ऑरेंज-यलो चेतावनी

भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में भी होगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रायसेन, सीहोर, देवास, खंडवा, खरगोन, रीवा, सतना, सीधी, शहडोल और उमरिया सहित कई जिलों में रुक-रुक कर तेज और हल्की बारिश होती रहेगी। हालांकि इन जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन पूरे दिन बादल छाए रहने और कई दौर की बारिश की संभावना बनी हुई है।

एक दिन की बारिश से सुधरे प्रदेश के आंकड़े

लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई देने लगा है। सोमवार तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन पिछले एक दिन में हुई अच्छी बारिश के बाद यह अंतर घटकर 14 प्रतिशत रह गया है। इस समय तक प्रदेश में औसतन 286.8 मिलीमीटर (करीब 11.3 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि तक 335.3 मिलीमीटर (करीब 13.2 इंच) बारिश होनी चाहिए।

पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश की स्थिति

बारिश में सुधार के बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में अब भी सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से लगभग 11 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले चार दिनों की बारिश से यह कमी और कम हो सकती है।

ये भी पढ़ें: MP Weather Update : 13 दिन बाद बदला मौसम, भोपाल समेत कई जिलों में झमाझम बारिश; 4 जिलों में हैवी रेन अलर्ट

41 जिलों में अब भी बारिश की कमी

ताजा बारिश के बावजूद मध्य प्रदेश के 41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है। खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश के अधिकांश जिले अभी भी पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि कुछ जिलों में मानसून ने अच्छी बारिश कराई है।

इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

प्रदेश के भोपाल, इंदौर, सीहोर, देवास, हरदा, उज्जैन, राजगढ़, नीमच, खंडवा और खरगोन समेत 14 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में अच्छी बारिश होने से खेती-किसानी को फायदा मिला है और जलाशयों में भी पानी का स्तर बढ़ा है।

देवास बना सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला

अब तक पूरे मध्य प्रदेश में देवास सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला बन गया है। यहां सामान्य से करीब 51 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। अब तक जिले में लगभग 18.4 इंच वर्षा हो चुकी है। इसके अलावा भोपाल में करीब 14.5 इंच बारिश, इंदौर में लगभग 14 इंच बारिश, सीहोर में करीब 14 इंच बारिश और हरदा में लगभग 15.4 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

आलीराजपुर में सबसे कम बारिश

जहां कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई है, वहीं आलीराजपुर अभी भी सबसे ज्यादा बारिश की कमी वाला जिला बना हुआ है। यहां अब तक केवल करीब 2 इंच बारिश हुई है, जो सामान्य से लगभग 78 प्रतिशत कम है। बारिश की कमी के कारण यहां खेती और जलस्रोतों पर असर देखने को मिल रहा है।

पूरे मानसून में कितनी होती है बारिश?

मध्य प्रदेश में पूरे मानसून के दौरान औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। वहीं बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर इन सभी शहरों में सामान्य रूप से 38 से 39 इंच तक बारिश होती है। इसमें सबसे बड़ा योगदान जुलाई महीने का रहता है, इसलिए मौसम विभाग की नजर फिलहाल इसी महीने की बारिश पर बनी हुई है।

लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले जिलों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

  • नदी-नालों के पास जाने से बचें।
  • जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखें।
  • मौसम खराब होने पर यात्रा टालें।
  • प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें।
  • किसानों को भी मौसम का पूर्वानुमान देखकर खेतों में काम करने की सलाह दी गई है।
Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts