Aakash Waghmare
28 Jan 2026
संसद का सबसे अहम बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। इस सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी, जिसमें वे लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। यह सिर्फ एक औपचारिक भाषण नहीं होगा, बल्कि आने वाले साल की नीति, प्राथमिकता और विजन का ब्लूप्रिंट माना जाता है। वैश्विक स्तर पर चल रही भू-राजनीतिक उथल-पुथल, महंगाई का दबाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच यह बजट सत्र देश के लिए बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
इस बजट सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इतिहास रचने जा रही हैं। वह अपना लगातार 9वां केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इससे पहले यह उपलब्धि बहुत कम वित्त मंत्रियों के नाम रही है। 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा, जो इस बार रविवार को पड़ रहा है। छुट्टी का दिन होने के बावजूद शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आम जनता की नजरें बजट घोषणाओं पर टिकी रहेंगी। यह बजट सिर्फ आंकड़ों का नहीं होगा, बल्कि विकास, विश्वास और भविष्य की रणनीति का एक्सीक्यूशन प्लान माना जा रहा है।
यह सत्र दो चरणों में कुल 65 दिनों तक चलेगा, जिसमें 30 बैठकें होंगी। पहले चरण में बजट और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जबकि विधायी कामकाज मुख्य रूप से दूसरे चरण में निपटाया जाएगा।
कौन-कौन से अहम बिल होंगे चर्चा में
हालांकि सरकार इस सत्र में कोई नया विधेयक पेश नहीं कर रही है, लेकिन कई पुराने और महत्वपूर्ण बिल एजेंडे में शामिल हैं-
इन विधेयकों के जरिए सरकार सिस्टम को सरल, पारदर्शी और बिजनेस-फ्रेंडली बनाने का दावा कर रही है।
बजट सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने सहयोग की अपील की, लेकिन सियासी तापमान पहले ही हाई है। विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। वहीं सरकार ने कुछ मुद्दों पर चर्चा से इनकार कर दिया है।