क्या इस्तीफा देंगे बांग्लादेश के राष्ट्रपति?शेख हसीना की वापसी की घोषणा के बीच बढ़ी अटकलें

बांग्लादेश में एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन जल्द अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि उनके कार्यकाल में अभी करीब दो साल बाकी हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह ऐसे समय में होगा जब देश पहले से ही शेख हसीना सरकार के सत्ता से बाहर होने, नई राजनीतिक व्यवस्था और उनकी संभावित वापसी की घोषणा के कारण संवेदनशील दौर से गुजर रहा है।
राष्ट्रपति के इस्तीफे की चर्चा क्यों हो रही है?
पिछले दो दिनों से बांग्लादेशी मीडिया में राष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर लगातार खबरें सामने आ रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार राष्ट्रपति शहाबुद्दीन के कुछ हालिया कदमों से असहज बताई जा रही है। स्थानीय अखबार प्रोथोम आलो ने सरकारी सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि सरकार इस बात से नाराज है कि राष्ट्रपति ने हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से दोबारा संपर्क करने की कोशिश की थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बीएनपी नेता ने क्या कहा?
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक वरिष्ठ नेता ने द डेली स्टार से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति और शेख हसीना के बीच कथित फोन बातचीत ही इस्तीफे की एकमात्र वजह नहीं है। उनके अनुसार, मामला इससे कहीं अधिक जटिल है और शेख हसीना द्वारा दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की घोषणा के बाद राजनीतिक माहौल और संवेदनशील हो गया है।
शेख हसीना की वापसी क्यों अहम मानी जा रही है?
शेख हसीना ने हाल ही में कहा था कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी। सरकार ने उनकी वापसी पर कहा है कि उन्हें देश लौटने पर कानून का सामना करना होगा। गौरतलब है कि 17 नवंबर 2025 को बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने जुलाई आंदोलन के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों में कथित भूमिका को लेकर अनुपस्थिति में सुनवाई करते हुए शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को मौत की सजा सुनाई थी।
2024 के राजनीतिक बदलाव के बाद भी पद पर बने रहे थे राष्ट्रपति
मोहम्मद शहाबुद्दीन अप्रैल 2023 में पांच साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुने गए थे। जुलाई-अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना भारत आ गई थीं और तब से यहीं रह रही हैं। उस बड़े राजनीतिक बदलाव के बाद भी राष्ट्रपति शहाबुद्दीन अपने संवैधानिक पद पर बने रहने वाले शीर्ष अधिकारियों में शामिल रहे।
क्या बदल सकते हैं बांग्लादेश के राजनीतिक समीकरण?
राष्ट्रपति के संभावित इस्तीफे, शेख हसीना की प्रस्तावित वापसी और उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई ने बांग्लादेश की राजनीति को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
हालांकि, राष्ट्रपति के इस्तीफे की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि वे वास्तव में पद छोड़ते हैं, तो इसका असर बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और सत्ता संतुलन पर पड़ सकता है।











