स्निफर डॉग स्क्वाड की परखी क्षमता!पन्ना टाइगर रिजर्व ने जीता खिताब, संजय टाइगर रिजर्व के सुरेश प्रसाद बैगा बने बेस्ट डॉग हैंडलर

उमरिया। वन्यजीवों की सुरक्षा और वन अपराधों पर रोक लगाने के लिए मध्यप्रदेश वन विभाग की डॉग स्क्वाड टीम को नई तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण से मजबूत किया जा रहा है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन विद्यालय ताला में आयोजित सात दिवसीय डॉग स्क्वाड रिफ्रेशर कोर्स सह वार्षिक समीक्षा 2026 में प्रदेशभर की टीमों ने अपनी दक्षता दिखाई। प्रशिक्षण के दौरान डॉग और हैंडलर के बीच तालमेल, खोज क्षमता और अपराध जांच से जुड़े कौशल की परीक्षा ली गई। प्रतियोगिता में पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम विजेता बनी, जबकि गांधीसागर अभ्यारण्य ने दूसरा स्थान हासिल किया।
बांधवगढ़ में वन अपराधों के खिलाफ मजबूत हुई सुरक्षा व्यवस्था
वन और वन्यजीव अपराधों की बढ़ती चुनौतियों के बीच प्रशिक्षित डॉग स्क्वाड अब विभाग की अहम ताकत बनते जा रहे हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन विद्यालय, ताला में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न टाइगर रिजर्व और वन क्षेत्रों से आए दलों ने हिस्सा लिया। इस दौरान डॉग एवं हैंडलर के बीच बेहतर तालमेल, आदेश का पालन, घटनास्थल की पहचान और तेजी से कार्रवाई जैसे पहलुओं को परखा गया।
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पन्ना टाइगर रिजर्व की टीम ने जीता खिताब
सात दिनों तक चले प्रशिक्षण और मूल्यांकन में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर पन्ना टाइगर रिजर्व की डॉग स्क्वाड टीम को प्रथम स्थान मिला। टीम ने अपनी खोज क्षमता, अनुशासन और अपराध जांच से जुड़े अभ्यासों में शानदार प्रदर्शन किया। वहीं गांधीसागर अभ्यारण्य की टीम ने दूसरा स्थान हासिल कर अपनी मजबूत तैयारी का प्रदर्शन किया। व्यक्तिगत श्रेणी में संजय टाइगर रिजर्व के डॉग हैंडलर सुरेश प्रसाद बैगा को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘बेस्ट डॉग हैंडलर’ का सम्मान दिया गया।
अपराध जांच में डॉग स्क्वाड निभाता है पहली भूमिका
समापन समारोह में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक ने कहा कि वन अपराधों की जांच में डॉग स्क्वाड बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। घटनास्थल से सबूत जुटाने से लेकर अपराधियों तक पहुंचने में प्रशिक्षित डॉग और कुशल हैंडलर की भूमिका निर्णायक होती है। उन्होंने कहा कि डॉग और हैंडलर के बीच विश्वास, नियमित अभ्यास और बेहतर तालमेल ही एक सफल स्क्वाड की पहचान है। बदलते समय के साथ वन अपराधों के तरीके भी बदल रहे हैं, ऐसे में प्रशिक्षित डॉग टीम विभाग के लिए मजबूत सहायक साबित हो रही है।
मास्टर ट्रेनर्स का भी हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान डॉग स्क्वाड टीमों को प्रशिक्षण देने वाले मास्टर ट्रेनर्स को भी सम्मानित किया गया। उनके मार्गदर्शन में डॉग और हैंडलर्स ने सर्च तकनीक, कमांड रिस्पॉन्स और आपात परिस्थितियों में तुरंत कार्रवाई करने का अभ्यास किया। प्रतिभागी टीमों ने बताया कि यह प्रशिक्षण सिर्फ कौशल बढ़ाने तक सीमित नहीं रहा बल्कि अलग अलग क्षेत्रों से आई टीमों को एक-दूसरे के अनुभव साझा करने और नई तकनीकों को समझने का अवसर भी मिला।
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बांधवगढ़ में मिला सीखने का बेहतर मंच
प्रशिक्षण के समापन पर सभी विजेता टीमों, डॉग हैंडलर्स और प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। वन विभाग ने कहा कि मजबूत डॉग स्क्वाड और समर्पित हैंडलर्स के जरिए वन एवं वन्यजीव अपराधों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जाएगा। बांधवगढ़ में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में वन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।











