सीहोर से दुनिया तक पहुंचेगी बिजली की ताकत; 888 करोड़ के निवेश से बदली औद्योगिक तस्वीर, सीएम ने किया ट्रांसफॉर्मर रोल-आउट का शुभारंभ

सीहोर। सीहोर की औद्योगिक पहचान को शुक्रवार को उस समय नई ऊंचाई मिली, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी पावर ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड के पहले ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट का शुभारंभ किया। करीब 50 एकड़ में 888 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई यह आधुनिक इकाई अब सीहोर को केवल प्रदेश के औद्योगिक नक्शे पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ाएगी।
13 महीने में जमीन से उत्पादन तक पहुंचा सपना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इकाई का अवलोकन किया और ट्रांसफॉर्मर निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी ली। अगस्त 2025 में जिस परियोजना का भूमि-पूजन हुआ था, करीब 13 महीने बाद उसी स्थान से पहले पावर ट्रांसफॉर्मर का रोल-आउट होना औद्योगिक निवेश को तेजी से जमीन पर उतारने का उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ उत्पादन के नए अध्याय की शुरुआत हुई।

सीएम का संदेश-सीहोर श्योर है, निवेश सिक्योर है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में सीहोर को निवेश के लिए भरोसेमंद गंतव्य बताते हुए कहा कि “सीहोर श्योर है, यहां निवेश सिक्योर है और रिटर्न भी एश्योर है।” उनका यह संदेश केवल औद्योगिक निवेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीहोर की बदलती आर्थिक तस्वीर का राजनीतिक और विकासात्मक संदेश भी बन गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश बढ़ने से उद्योगों का विस्तार होगा, रोजगार पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जहां निवेश होगा, वहां युवाओं के सपने होंगे साकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां-जहां निवेश होता है, वहां युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। सरकार का प्रयास है कि औद्योगिक विकास का सीधा लाभ स्थानीय युवाओं तक पहुंचे। नए उद्योग रोजगार के साथ कौशल विकास, व्यापार और सहायक कारोबारों के लिए भी रास्ते खोलते हैं। सीजी पावर की इकाई से सीहोर में 2000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है।

220 से 1200 केवी तक के ट्रांसफॉर्मर होंगे तैयार
सीहोर की इस अत्याधुनिक इकाई में 220 केवी से लेकर 1200 केवी श्रेणी तक के उच्च क्षमता वाले पावर ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे। इकाई की उत्पादन क्षमता प्रतिमाह 35 पावर ट्रांसफॉर्मर की बताई गई है। यानी औसतन प्रतिदिन एक से अधिक ट्रांसफॉर्मर तैयार करने की क्षमता यहां विकसित की गई है। यह उत्पादन देश की बढ़ती विद्युत जरूरतों और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सीहोर से ग्लोबल मार्केट तक पहुंचेगा ‘मेड इन एमपी’
इस इकाई की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां तैयार होने वाले उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर केवल देश के अलग-अलग हिस्सों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वैश्विक बाजारों तक पहुंचेंगे। इससे सीहोर का नाम अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक सप्लाई चेन से जुड़ने की राह पर आगे बढ़ेगा। निर्यात बढ़ने से प्रदेश की औद्योगिक पहचान मजबूत होने के साथ स्थानीय स्तर पर परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सर्विस और अन्य कारोबारी गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
बिजली से डेटा सेंटर तक, कई क्षेत्रों को मिलेगा सहारा
सीहोर में तैयार होने वाले पावर ट्रांसफॉर्मर का इस्तेमाल विद्युत क्षेत्र के अलावा डेटा सेंटर, रेलवे, नवकरणीय ऊर्जा, तेल एवं गैस तथा ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं में किया जाएगा। देश में बिजली की मांग बढ़ने और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के बीच उच्च क्षमता वाले ट्रांसमिशन उपकरणों की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में यह इकाई आने वाले वर्षों में रणनीतिक महत्व रख सकती है।

‘डाई से ट्रांसफॉर्मर तक’-सीहोर की बदलती औद्योगिक तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब “डाई से लेकर ट्रांसफॉर्मर तक का निर्माण सीहोर में” होने लगा है। यह टिप्पणी जिले में बदलते औद्योगिक परिदृश्य की ओर इशारा करती है। लंबे समय तक कृषि और पारंपरिक कारोबार के लिए पहचाने जाने वाले सीहोर में बड़े औद्योगिक निवेश का आना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है। बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह की बड़ी इकाई आने से आसपास की औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।
भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का हिस्सा बनने से बढ़ेंगी संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने सीहोर को भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि राजधानी के साथ इसकी कनेक्टिविटी और विकास को और गति दी जा रही है। बेहतर सड़क, परिवहन और आधारभूत सुविधाओं के साथ सीहोर में औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। यही कनेक्टिविटी भविष्य में बड़े निवेशकों के लिए भी सीहोर को आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास की गति का जिक्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास कर रहा है और मध्यप्रदेश भी उसी गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भारत की आर्थिक विकास दर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की तेज आर्थिक प्रगति ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है और सरकार उद्योगों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
‘पैशन, पोटेंशियल, पॉलिसी, परफॉर्मेंस और प्रोडक्शन’ पर जोर
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश की औद्योगिक पहचान को पैशन, पोटेंशियल, पॉलिसी, परफॉर्मेंस और प्रोडक्शन से जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश में उद्योगों की स्थापना को लेकर सरकार सकारात्मक माहौल बना रही है। उनका कहना था कि औद्योगिक विकास केवल कारखानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके साथ रोजगार, व्यापार, सेवाएं और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां भी आगे बढ़ती हैं।
नौ दशक पुरानी कंपनी, सीहोर में नई औद्योगिक उड़ान
सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड करीब नौ दशकों से विद्युत इंजीनियरिंग क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, इंडक्शन मोटर्स, ड्राइव्स, ट्रैक्शन मोटर्स सहित विभिन्न विद्युत उपकरणों के निर्माण से जुड़ी है। सीहोर की नई इकाई कंपनी की पावर ट्रांसफॉर्मर निर्माण क्षमता का बड़े स्तर पर विस्तार करेगी।
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स्वागत से लेकर उद्योगपतियों की मौजूदगी तक दिखी औद्योगिक एकजुटता
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, विधायक सुदेश राय, विधायक रमाकांत भार्गव, कलेक्टर बालागुरू के., पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा सहित जनप्रतिनिधियों और भाजपा नेताओं ने स्वागत किया। कार्यक्रम में औद्योगिक क्षेत्र में संचालित विभिन्न इकाइयों के संचालक, अधिकारी-कर्मचारी, उद्योगपति और गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।




















