धर्म डेस्क। नवरात्रि व्रत के पारण को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं। कुछ लोग अष्टमी तिथि को कन्या पूजन के बाद व्रत खोलते हैं, तो कुछ नवमी तिथि को हवन और कन्याओं को भोजन कराने के बाद व्रत खोलते हैं। वहीं कुछ लोग पूरे नौ दिन विधि-विधान से व्रत रहने के बाद दशमी तिथि को अपना व्रत समाप्त करते हैं। आइए जानते हैं 2025 में नवरात्रि व्रत पारण का सही समय और तरीका।
नवरात्रि व्रत का पारण पंचांग अनुसार, 2 अक्टूबर 2025 की सुबह 06:15 बजे के बाद किया जा सकता है। हालांकि, आप अपनी सुविधा और पारंपरिक मान्यता के अनुसार अष्टमी या नवमी तिथि पर भी व्रत खोल सकते हैं।
नवरात्रि की अष्टमी 30 सितंबर 2025 को है। इस दिन कन्या पूजन के बाद अपना व्रत खोला जा सकता है। अष्टमी तिथि का शुभांरभ 29 सितंबर को शाम 04:31 बजे और समापन सुबह 06:06 बजे होगा। इस दिन व्रत खोलने से पहले माता अंबे की विधि-विधान से पूजा करना अनिवार्य है।
नवरात्रि की नवमी तिथि 30 सितंबर शाम 06:06 बजे शुरू होगी और तिथि 10 नवंबर की शाम 7 बजे तक रहेगी। इस दिन भी कन्या पूजन के बाद व्रत का पारण किया जा सकता है। नवमी पर व्रत खोलते समय हवन पूजन करना और कन्याओं को भोजन कराना आवश्यक माना जाता है।
नवरात्रि व्रत का पारण विधिपूर्वक करने के लिए पहले माता अंबे की पूजा करें। इसके बाद हवन का आयोजन करें और घर में कन्याओं को आमंत्रित करके भोजन कराएं। कन्या पूजन के बाद माता को अर्पित प्रसाद ग्रहण करें और फिर अपना व्रत खोलें। इस प्रक्रिया से व्रत का पारण पूर्ण माना जाता है और माता की कृपा बनी रहती है।