Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

खजुराहो के अनूठे गुरुकुल ‘ आदिवर्त’ में जल्द शुरू होंगी आर्ट ट्रेनिंग

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्लान और सरकार का नवाचार, विलुप्त कलाओं को बचाने की कोशिश
Follow on Google News
खजुराहो के अनूठे गुरुकुल ‘ आदिवर्त’ में जल्द शुरू होंगी आर्ट ट्रेनिंग

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल खजुराहो की नई पहचान देश का पहला अनूठा गुरुकुल ‘आदिवर्त’ भी होगा। इस गुरुकुल में नई पीढ़ी को लुप्त हो रहे प्राचीन शिल्प, लोक संगीत-नृत्य, गायन-वादन, चित्रकला एवं जनश्रुतियों के साहित्य को उस विधा के श्रेष्ठ कला गुरुओं के माध्यम से ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही इसे रोजगार से भी जोड़ा जाएगा। देश की प्राचीन ज्ञान परंपराओं को बचाने खजुराहो में सांस्कृतिक गांव ही विकसित किया जा रहा है। इसमें जनजातीय सांस्कृतिक ज्ञान से लेकर सोने- चांदी, लोहा, तांबा-पीतल की प्राचीन अति दुर्लभ कलाएं, बांस- लकड़ी के शिल्प, लोक संगीत और पेंटिंग जैसी विधा का प्रशिक्षण व संरक्षण किया जाएगा।

छात्रावास भवन तैयार

सांस्कृतिक ग्राम में जनजातीय गांव की झलक भी मिलेगी। गुरुकुल का कॉन्सेप्ट मूलत: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विचारकों का था। संस्कृति विभाग ने इस पर लंबा विचार-विमर्श कर उसकी रूपरेखा तैयार की। विश्व विरासत स्थल खजुराहो में डेढ़ एकड़ जमीन पर गुरुकुल के छात्रावास, कर्मशालाएं, स्कूल व प्रयोगशालाओं के लिए भवनों का निर्माण अंतिम दौर में है। जुलाई के बाद इसके निर्माण में और तेजी आएगी। संस्कृति विभाग ने सरकार से अगले चरण के लिए 10 करोड़ रुपए का बजट मांगा है।

पहली बार ऐसा नवाचार

आरएसएस एवं संस्कृति विभाग के सूत्रों का कहना है कि केरल, कर्नाटक और उत्तराखंड में गुरुकुल तो कई संचालित हो रहे हैं, लेकिन ऐसा नवाचार देश में कहीं नहीं हुआ। 'आदिवर्त' में प्राचीन कलाओं के विशेषज्ञ गुरु ट्रेनिंग देंगे।

खजुराहो का यह गुरुकुल देश में इकलौता होगा। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस साल के अंत तक इसे शुरू करने का प्लान है। शिष्यों को सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे। - शिवशेखर शुक्ला, पीएस, संस्कृति एवं पर्यटन

People's Reporter
By People's Reporter

Latest Posts