अजित पवार पंचतत्व में विलीन :बेटों ने दी मुखाग्नि, गन सैल्यूट के साथ हुआ अंतिम संस्कार

बारामती। बारामती के काटेवाड़ी स्थित विद्या प्रतिष्ठान में गुरुवार दोपहर करीब 12.15 बजे महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस भावुक मौके पर परिवार के सदस्य, देश और राज्य के कई वरिष्ठ नेता तथा हजारों समर्थक मौजूद रहे। अंतिम यात्रा में उमड़े जनसैलाब और भारी भीड़ के कारण बारामती की सड़कों पर जाम जैसे हालात बन गए, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल दिखाई दिया।
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
अंतिम संस्कार के दौरान पत्नी सुनेत्रा पवार, बेटे पार्थ और जय, चाचा शरद पवार और सुप्रिया सुले मौजूद रहे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, सुशील कुमार शिंदे, नारा लोकेश, राज ठाकरे सहित कई राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इससे पहले गुरुवार सुबह अजित पवार का पार्थिव शरीर काटेवाड़ी स्थित उनके आवास लाया गया था। बुधवार सुबह 8.45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुए विमान हादसे में उनके साथ सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू सदस्य की भी मौत हो गई थी। उनके निधन पर महाराष्ट्र में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है।
LIVE अपडेट्स...
12:15 PM
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अजित पवार का अंतिम संस्कार
11:56 AM
अभिनेता रितेश देशमुख ने अजित पवार को दी श्रद्धांजलि
11:51 AM
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अजित पवार को दी श्रद्धांजलि
11:49 AM
गोवा के CM प्रमोद सावंत ने अजित पवार को दी श्रद्धांजलि
11:48 AM
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अजित पवार को दी श्रद्धांजलि
11:46 AM
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार को दी श्रद्धांजलि
11:44 AM
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अजित पवार को दी श्रद्धांजलि
11:42 AM
अमित शाह ने अजित पवार को दी श्रद्धांजलि
11:40 AM
अजित पवार के अंतिम संस्कार में हजारों लोग मौजूद
11:31 AM
अजित की पत्नी सुनेत्रा पवार ने अपने पति को दी अंतिम श्रद्धांजलि
11:31 AM
अजित की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार अपने पति के अंतिम संस्कार के लिए मौजूद
11:23 AM
अजित के बेटे पार्थ और जय ने निभाईं पिता के अंतिम संस्कार की रस्में
11:16 AM
अंतिम संस्कार स्थल पहुंची अजित पवार की पार्थिव देह
11:01 AM
अंतिम संस्कार स्थल पहुंचीं अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा
10:59 AM
बारामती प्लेन क्रैश की जांच होगी पारदर्शी और फास्ट‑ट्रैक
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि बारामती विमान दुर्घटना के बाद सभी आवश्यक रिस्पॉन्स और जांच तंत्र तुरंत सक्रिय कर दिए गए थे। अधिकारियों ने पूरी, पारदर्शी और समय पर जांच करने पर जोर दिया। मंत्रालय ने बताया कि जांच तेज़ी से जारी है और दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया है।
10:55 AM
अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष
10:52 AM
पवार के अंतिम संस्कार में शामिल हुए आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश
10:33 AM
क्रैश हुए प्लेन का ब्लैक बॉक्स बरामद
बारामती में हुए एयर क्रैश में लर्नजेट विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ब्लैक बॉक्स और फ्लाइट डेटा के मिलने से हादसे के सही कारण और घटनाओं के क्रम का पता लगाने में मदद मिलेगी।
10:30 AM
पवार के पार्थिव शरीर के साथ चल रहे सैकड़ों लोग
10:10 AM
पवार की पार्थिव देह को ओढ़ाया गया तिरंगा, काटेवाड़ी आवास से अंतिम यात्रा शुरू
09:50 AM
विद्या प्रतिष्ठान मैदान पहुंचे पूर्व गृह मंत्री शिंदे और बेटी प्रणिति
09:46 AM
विद्या प्रतिष्ठान मैदान में शरद पवार, शरद के भतीजे थे अजित
09:44 AM
काटेवाड़ी पहुंचे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे
09:31 AM
पवार के सिक्योरिटी अफसर जाधव का हुआ अंतिम संस्कार
09:25 AM
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार बोले- वे बातें नहीं, काम करते थे
09:19 AM
विद्या प्रतिष्ठान मैदान में अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी
09:19 AM
प्लेन क्रैश के घटनास्थल पर पहुंचे DGCA के अफसर
08:41 AM
विद्या प्रतिष्ठान मैदान में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू
08:22 AM
बारामती पहुंचेंगे कई VIP, एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा
08:10 AM
मेडिकल कॉलेज से ले जाया गया पवार का पार्थिव शरीर
08:05 AM
अजित पवार के अंतिम संस्कार की तैयारियां जारी
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
सुबह 11 बजे विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें महाराष्ट्र सरकार का पूरा मंत्रिमंडल शामिल रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी श्रद्धांजलि देने बारामती पहुंचेंगे। बुधवार सुबह 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुए विमान हादसे में 66 वर्षीय अजित पवार, उनके सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू सदस्य सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई थी। उनके निधन पर महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।
अंतिम संस्कार की जानकारी
स्थान: विद्या प्रतिष्ठान मैदान, बारामती
समय: सुबह 11 बजे
सम्मान: पूरे राजकीय सम्मान के साथ
महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। राज्यभर में सरकारी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं और झंडे आधे झुके रहे। अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज्य सरकार का पूरा मंत्रिमंडल शामिल है।
जनसैलाब और भावनात्मक विदाई
बारामती में हजारों की संख्या में लोग अपने नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे। सड़कों पर भीड़, आंखों में आंसू और दिलों में भारीपन साफ नजर आ रहा था। विद्या प्रतिष्ठान परिसर में भावनात्मक दृश्य देखने को मिले। लोगों ने अजित दादा वापस आओ, अजित दादा अमर रहें के नारे लगाए। यह सिर्फ राजनीतिक समर्थन नहीं था, यह एक भावनात्मक रिश्ता था, जो जनता और नेता के बीच बना था।
कैसे हुआ विमान हादसा?
अजित पवार का चार्टर्ड विमान 28 जनवरी 2026 की सुबह मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुआ था। सुबह करीब 8:45 बजे जब विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, उसी दौरान यह हादसा हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लैंडिंग के वक्त विजिबिलिटी कम थी और रनवे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा था। विमान में कुल पांच लोग सवार थे, जिनकी इस दुर्घटना में मौत हो गई-
- अजित पवार - महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम
- कैप्टन सुमित कपूर - पायलट
- शांभवी पाठक - को-पायलट
- पिंकी माली - फ्लाइट अटेंडेंट
- विदीप जाधव - पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान के गिरते ही आग की तेज लपटें उठीं और कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धुएं से भर गया। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे, लेकिन किसी को भी बचाया नहीं जा सका।
हादसे के कारणों की जांच जारी
हादसे के तुरंत बाद केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाली संस्था एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जांच अपने हाथ में ले ली। इसके साथ ही हादसे की जांच प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की एक विशेष टीम बारामती पहुंचकर दुर्घटनास्थल की तकनीकी जांच कर रही है। वहीं पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर ली है और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
इसके अलावा फॉरेंसिक टीमों ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने और हादसे के कारणों की वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है, ताकि दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने लाई जा सके। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि, हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या मौसम और विजिबिलिटी इसकी वजह बने। विमान ऑपरेटर कंपनी और पायलट के अनुभव से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
एक लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक सफर
अजित अनंतराव पवार का राजनीतिक जीवन बेहद प्रभावशाली रहा है। महाराष्ट्र की राजनीति में उन्होंने लगभग 16 वर्षों में छह बार उपमुख्यमंत्री का पद संभाला, जो उनकी राजनीतिक ताकत और प्रशासनिक क्षमता का प्रमाण है।
अजित पवार ने केवल सत्ता में पदों तक सीमित रहकर राजनीति नहीं की, बल्कि उन्होंने राज्य की राजनीति, प्रशासन और विकास परियोजनाओं में गहरी पहचान बनाई। उनके योगदान का सार इस प्रकार है:
राजनीतिक संगठन को मजबूत किया: उन्होंने NCP को महाराष्ट्र की राजनीति में स्थिर और मजबूत आधार देने में मदद की।
निर्णायक प्रशासनिक भूमिका: उन्होंने वित्त, योजना और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के फैसलों में निर्णायक भूमिका निभाई।
विकास परियोजनाओं को गति दी: राज्य में कई विकास पहलों और कृषि‑संबंधित परियोजनाओं को उन्होंने आगे बढ़ाया।
सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर नेतृत्व: उन्होंने पार्टी और सरकार दोनों में संतुलित नेतृत्व किया और विभिन्न राजनीतिक परिस्थितियों में रणनीति से काम लिया।
वे सिर्फ सत्ता के नेता नहीं थे, बल्कि प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक रणनीति का संतुलन दिखाने वाले नेता थे।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल
अजित पवार ने छह अलग-अलग मौकों पर उपमुख्यमंत्री का पद संभाला:
- 10 नवंबर 2010 -25 सितंबर 2012
- 25 सितंबर 2012 - 26 सितंबर 2014
- 23 नवंबर 2019 - 26 नवंबर 2019 (छोटा कार्यकाल)
- 30 दिसंबर 2019 - 29 जून 2022
- 2 जुलाई 2023 - 5 दिसंबर 2024
- 5 दिसंबर 2024 - 28 जनवरी 2026
परिवार और राजनीतिक विरासत
अजित पवार एक ऐसे परिवार से आते थे, जिसने भारतीय राजनीति को दशकों तक दिशा दी-
पत्नी: सुनेत्रा पवार - राज्यसभा सांसद
चाचा: शरद पवार - NCP संस्थापक, पूर्व मुख्यमंत्री
चचेरी बहन: सुप्रिया सुले - लोकसभा सांसद
यह सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि एक राजनीतिक विरासत है, जिसने देश की राजनीति में गहरी छाप छोड़ी है।











