Naresh Bhagoria
28 Jan 2026
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बारामती। बुधवार की सुबह देश के लिए एक ऐसा क्षण लेकर आई, जिसने पूरे भारत को स्तब्ध कर दिया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख नेता अजित पवार का पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में अचानक निधन हो गया। यह खबर सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम लोगों के दिलों को भी झकझोर गई। सत्ता, संघर्ष, निर्णय और नेतृत्व की राजनीति में अजित पवार एक मजबूत स्तंभ माने जाते थे। उनका जाना महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश के लिए एक गहरी भावनात्मक क्षति है।
उनका पार्थिव शरीर पुणे जिले के बारामती में काटेवाड़ी स्थित उनके आवास लाया गया है। यहां परिवार के लोग, पार्टी नेता-कार्यकर्ता और अन्य लोग उनके अंतिम दर्शन करेंगे। इसके बाद अंतिम यात्रा निकलेगी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि बारामती विमान दुर्घटना के बाद सभी आवश्यक रिस्पॉन्स और जांच तंत्र तुरंत सक्रिय कर दिए गए थे। अधिकारियों ने पूरी, पारदर्शी और समय पर जांच करने पर जोर दिया। मंत्रालय ने बताया कि जांच तेज़ी से जारी है और दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया है।
बारामती में हुए एयर क्रैश में लर्नजेट विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ब्लैक बॉक्स और फ्लाइट डेटा के मिलने से हादसे के सही कारण और घटनाओं के क्रम का पता लगाने में मदद मिलेगी।
सुबह 11 बजे विद्या प्रतिष्ठान मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें महाराष्ट्र सरकार का पूरा मंत्रिमंडल शामिल रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी श्रद्धांजलि देने बारामती पहुंचेंगे। बुधवार सुबह 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुए विमान हादसे में 66 वर्षीय अजित पवार, उनके सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू सदस्य सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई थी। उनके निधन पर महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।
स्थान: विद्या प्रतिष्ठान मैदान, बारामती
समय: सुबह 11 बजे
सम्मान: पूरे राजकीय सम्मान के साथ
महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। राज्यभर में सरकारी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं और झंडे आधे झुके रहे। अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज्य सरकार का पूरा मंत्रिमंडल शामिल है।
बारामती में हजारों की संख्या में लोग अपने नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे। सड़कों पर भीड़, आंखों में आंसू और दिलों में भारीपन साफ नजर आ रहा था। विद्या प्रतिष्ठान परिसर में भावनात्मक दृश्य देखने को मिले। लोगों ने अजित दादा वापस आओ, अजित दादा अमर रहें के नारे लगाए। यह सिर्फ राजनीतिक समर्थन नहीं था, यह एक भावनात्मक रिश्ता था, जो जनता और नेता के बीच बना था।
अजित पवार का चार्टर्ड विमान 28 जनवरी 2026 की सुबह मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुआ था। सुबह करीब 8:45 बजे जब विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, उसी दौरान यह हादसा हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लैंडिंग के वक्त विजिबिलिटी कम थी और रनवे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा था। विमान में कुल पांच लोग सवार थे, जिनकी इस दुर्घटना में मौत हो गई-
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान के गिरते ही आग की तेज लपटें उठीं और कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका धुएं से भर गया। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे, लेकिन किसी को भी बचाया नहीं जा सका।
हादसे के तुरंत बाद केंद्र सरकार के अधीन काम करने वाली संस्था एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जांच अपने हाथ में ले ली। इसके साथ ही हादसे की जांच प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की एक विशेष टीम बारामती पहुंचकर दुर्घटनास्थल की तकनीकी जांच कर रही है। वहीं पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर ली है और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
इसके अलावा फॉरेंसिक टीमों ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने और हादसे के कारणों की वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है, ताकि दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने लाई जा सके। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि, हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या मौसम और विजिबिलिटी इसकी वजह बने। विमान ऑपरेटर कंपनी और पायलट के अनुभव से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
अजित अनंतराव पवार का राजनीतिक जीवन बेहद प्रभावशाली रहा है। महाराष्ट्र की राजनीति में उन्होंने लगभग 16 वर्षों में छह बार उपमुख्यमंत्री का पद संभाला, जो उनकी राजनीतिक ताकत और प्रशासनिक क्षमता का प्रमाण है।
अजित पवार ने केवल सत्ता में पदों तक सीमित रहकर राजनीति नहीं की, बल्कि उन्होंने राज्य की राजनीति, प्रशासन और विकास परियोजनाओं में गहरी पहचान बनाई। उनके योगदान का सार इस प्रकार है:
राजनीतिक संगठन को मजबूत किया: उन्होंने NCP को महाराष्ट्र की राजनीति में स्थिर और मजबूत आधार देने में मदद की।
निर्णायक प्रशासनिक भूमिका: उन्होंने वित्त, योजना और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के फैसलों में निर्णायक भूमिका निभाई।
विकास परियोजनाओं को गति दी: राज्य में कई विकास पहलों और कृषि‑संबंधित परियोजनाओं को उन्होंने आगे बढ़ाया।
सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर नेतृत्व: उन्होंने पार्टी और सरकार दोनों में संतुलित नेतृत्व किया और विभिन्न राजनीतिक परिस्थितियों में रणनीति से काम लिया।
वे सिर्फ सत्ता के नेता नहीं थे, बल्कि प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक रणनीति का संतुलन दिखाने वाले नेता थे।
अजित पवार ने छह अलग-अलग मौकों पर उपमुख्यमंत्री का पद संभाला:
अजित पवार एक ऐसे परिवार से आते थे, जिसने भारतीय राजनीति को दशकों तक दिशा दी-
पत्नी: सुनेत्रा पवार - राज्यसभा सांसद
चाचा: शरद पवार - NCP संस्थापक, पूर्व मुख्यमंत्री
चचेरी बहन: सुप्रिया सुले - लोकसभा सांसद
यह सिर्फ एक परिवार नहीं, बल्कि एक राजनीतिक विरासत है, जिसने देश की राजनीति में गहरी छाप छोड़ी है।