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भारत के बाद फिलीपींस पर भी ट्रंप की मेहरबानी :रूस से तेल खरीद की फिर मिली छूट, क्या है पीछे की वजह?

वहीं फिलीपींस के ऊर्जा सचिव शैरण एस. गरीन के अनुसार, देश के पास फिलहाल लगभग 54 दिनों का ऊर्जा भंडार बचा हुआ है। हालांकि यह स्थिति तत्काल संकट नहीं दर्शाती
रूस से तेल खरीद की फिर मिली छूट, क्या है पीछे की वजह?
Image Courtesy : Reuters

वॉशिंगटन डीसी/मनीला। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच फिलीपींस के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने फिलीपींस को रूस से कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने की अस्थायी अनुमति दे दी है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

एक महीने की विशेष छूट

फिलीपींस के ऊर्जा विभाग ने 27 अप्रैल 2026 को इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की। विभाग के अनुसार, यह छूट 17 अप्रैल से 16 मई 2026 तक प्रभावी रहेगी। ऊर्जा विभाग के अंडर सेक्रेटरी एलेस्सांद्रो सेल्स ने बताया कि यह अनुमति देश की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दी गई है, ताकि आपूर्ति बाधित न हो।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तनाव का असर

इस फैसले की अहम वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ता तनाव है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है, और यहां किसी भी तरह का संकट दुनिया भर में तेल की कीमतों और उपलब्धता को प्रभावित करता है।

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फिलीपींस के पास सीमित ऊर्जा भंडार

वहीं फिलीपींस के ऊर्जा सचिव शैरण एस. गरीन के अनुसार, देश के पास फिलहाल लगभग 54 दिनों का ऊर्जा भंडार बचा हुआ है। हालांकि यह स्थिति तत्काल संकट नहीं दर्शाती, लेकिन अनिश्चित वैश्विक हालात को देखते हुए अतिरिक्त विकल्प तैयार रखना जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सतर्क है।

कोयला परियोजनाओं पर बैन जारी

ऊर्जा संकट के बावजूद फिलीपींस सरकार ने नए कोयला प्रोजेक्ट्स पर लगे प्रतिबंध को हटाने से इनकार कर दिया है। कई बिजनेस समूहों ने मिडिल ईस्ट संकट का हवाला देकर इस बैन को हटाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया कि दीर्घकालिक पर्यावरण और ऊर्जा नीति से समझौता नहीं किया जाएगा।

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पहले भी मिल चुकी है राहत

यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने फिलीपींस को इस तरह की छूट दी है। मार्च 2026 में भी अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने की अनुमति दी थी, जिसकी अवधि 11 अप्रैल को समाप्त हो गई थी। अब दोबारा मिली यह मंजूरी फिलीपींस के लिए काफी अहम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन का यह फैसला सिर्फ फिलीपींस ही नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस नीति का फायदा भारत समेत कई देशों को मिल रहा है, जो ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं।

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...

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