भोपाल :ATS जांच में बड़ा खुलासा, पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था फराज, जिहाद के लिए युवाओं को जोड़ने का आरोप

भोपाल। मध्य प्रदेश एटीएस की कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए मोहम्मद फराज को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं। एटीएस के अनुसार, कांग्रेस नगर स्थित काजी कैम्प इलाके से गिरफ्तार फराज पाकिस्तानी व्हाट्सएप ग्रुप्स से जुड़ा हुआ था और कथित तौर पर देश विरोधी गतिविधियों के लिए युवाओं को तैयार करने का काम कर रहा था।
पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था फराज
जांच एजेंसी के मुताबिक, फराज का संपर्क एक पाकिस्तानी हैंडलर से था, जिसने उसे जिहाद में शामिल होने के लिए प्रेरित किया था। एटीएस का दावा है कि पाकिस्तानी हैंडलर शाहिद खालिद ने फराज को "सैफुल्लाह" नाम दिया था। इसके बाद वह कथित तौर पर इसी नाम का इस्तेमाल कर गतिविधियां संचालित कर रहा था।
मुस्लिम युवाओं को जोड़ने की कोशिश का आरोप
एटीएस के अनुसार, फराज पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर मुस्लिम युवाओं को जोड़कर उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रेरित करने का प्रयास कर रहा था। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों और नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं।
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देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच में सामने आया है कि फराज का संपर्क देवबंद निवासी नईम अब्दुल्ला से था। एटीएस का दावा है कि नईम अब्दुल्ला ने ही फराज की पहचान पाकिस्तानी हैंडलर से करवाई थी। एजेंसी अब इस कड़ी की भी गहराई से जांच कर रही है।
जिहादी सामग्री मिलने का दावा
एटीएस ने पुष्टि की है कि आरोपी फराज के पास से कथित जिहादी सामग्री भी बरामद की गई है। जब्त किए गए डिजिटल और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसकी गतिविधियां कितनी व्यापक थीं और किन-किन लोगों से उसका संपर्क था।
एटीएस फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट्स तथा डिजिटल नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।











