ट्रंप की ईरान को चेतावनी-भारतीय जहाजों पर हमले बर्दाश्त नहीं, अपनी हरकतों में सुधार करें

इंटरनेशनल डेस्क। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बेहद सख्त बयान दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जा सकते। उन्होंने ईरान को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि उसे अपनी गतिविधियों में तुरंत सुधार करना चाहिए। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के दिनों में भारतीय क्रू वाले कई वाणिज्यिक जहाज हमलों का शिकार बने हैं और इस मुद्दे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर उठाए सवाल
अपने बयान में ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व को गैर-जिम्मेदार और अविश्वसनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से सार्वजनिक रूप से कही जा रही बातें और बंद कमरों में होने वाली चर्चाओं में काफी अंतर है। ट्रंप के अनुसार, जिन शर्तों पर दोनों पक्षों के बीच लिखित रूप से सहमति बनी थी, ईरान द्वारा मीडिया में प्रस्तुत किए गए दावे उनसे बिल्कुल अलग हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में ईरान के साथ भरोसे और सद्भावना के आधार पर किसी समझौते तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है।
तीन भारतीय नाविकों की मौत से बढ़ी चिंता
हालांकि हाल के दिनों में किसी भारतीय स्वामित्व वाले जहाज पर हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हुए हमलों ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। ओमान के तट और होर्मुज क्षेत्र में हुए हमलों में भारतीय नाविकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सबसे दुखद घटना उस समय सामने आई जब एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इस घटना ने भारत सहित कई देशों का ध्यान समुद्री सुरक्षा की ओर खींचा है।
ईरान ने भी जताई संवेदना और चिंता
इन घटनाओं पर ईरान की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं वैश्विक शांति और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मृत भारतीय नाविकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और भारत सरकार तथा भारतीय जनता के प्रति गहरा दुख जताया। बकाई ने कहा कि निर्दोष नाविकों की मौत बेहद दुखद है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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72 घंटे में तीन जहाज बने हमलों का निशाना
जानकारी के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ओमान की खाड़ी में 72 घंटे के भीतर भारतीय क्रू वाले तीन अलग-अलग जहाज हमलों की चपेट में आए। पहला हमला 8 जून को ‘मैरीवेक्स’ नामक जहाज पर हुआ, जिसमें सभी चालक दल सुरक्षित रहे। इसके बाद 9 और 10 जून को ‘एमटी सेटेबेलो’ ऑयल टैंकर को निशाना बनाया गया। इस जहाज पर मौजूद 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 को बचा लिया गया, लेकिन तीन नाविकों की जान चली गई। मृतकों की पहचान आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया और पटनाला सुरेश के रूप में हुई। 11 जून को ‘एमटी जलवीर’ नामक जहाज पर भी हमला किए जाने की सूचना सामने आई।
भारत ने स्थिति पर रखी नजर
इन घटनाओं के बाद भारत सरकार ने पूरे मामले पर नजर बनाए रखी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि प्रभावित तीनों जहाज विदेशी झंडों के तहत संचालित हो रहे थे और वे भारतीय स्वामित्व वाले नहीं थे। हालांकि जहाजों पर भारतीय नागरिक कार्यरत थे, इसलिए भारत सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है। समुद्री मार्गों की सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी इसका असर पड़ सकता है।












